फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कब खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?: ट्रंप बोले- पुतिन से बातचीत आसान, जेलेंस्की से मुश्किल; कीव पर लगाए कई आरोप

Fri, 16 Oct 2026 10:41 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर शांति समझौते में बाधा बनने का आरोप लगाया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पुतिन से बातचीत करना आसान है। लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति से बात करना नहीं। 
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की जमकर आलोचना की और कहा कि उनके मुकाबले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करना ज्यादा आसान है। ट्रंप का आरोप है कि जेलेंस्की समझौते की बात तो करते हैं, लेकिन जब फैसला लेने की बारी आती है, तो पीछे हट जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध को बहुत पहले खत्म हो जाना चाहिए था।

विज्ञापन


जेलेंस्की से ज्यादा मुश्किल क्यों लगते हैं पुतिन?
ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन, दोनों को अब युद्ध रोकने के बारे में सोचना चाहिए। उनके मुताबिक, पुतिन के साथ बातचीत करना जेलेंस्की के मुकाबले आसान है। ट्रंप का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच गहरी दुश्मनी होने के कारण किसी समझौते तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वह समझौते के लिए तैयार होने का दावा तो करते हैं, लेकिन उनके कदम कुछ और ही कहानी बताते हैं।

रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से भी नाराज ट्रंप
ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में डीजल की कमी बनी हुई है और ऐसे समय में रूसी तेल ठिकानों पर हमले चिंता बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह चाहते थे कि जेलेंस्की को इन हमलों से बचने की सलाह दी जाए। जेलेंस्की की आलोचना करते हुए ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को अरबों डॉलर की आर्थिक और सैन्य मदद दी। इसके बावजूद युद्ध खत्म नहीं हो सका। ट्रंप ने जेलेंस्की पर अपने देश को तबाह करने का आरोप लगाया और कहा कि आखिरकार यूक्रेन को किसी न किसी समझौते पर पहुंचना ही होगा।
विज्ञापन


क्रीमिया का जिक्र कर ओबामा को घेरा
ट्रंप ने युद्ध की जड़ों की चर्चा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उसी दौर में यूक्रेन को क्रीमिया छोड़ना पड़ा। क्रीमिया की भौगोलिक स्थिति और खूबसूरती का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने इसे जमीन का बेहद कीमती हिस्सा बताया। हालांकि, क्रीमिया पर रूस का कब्जा 2014 में हुआ था और यूक्रेन तथा अधिकांश अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे यूक्रेन का हिस्सा मानते हैं।

ये भी पढ़ें: स्टारलिंक विवाद: यूक्रेन में सैन्य संचार पर असर का आरोप, स्पेसएक्स के मालिक ने क्या कहा; भारत क्यों सतर्क?
विज्ञापन


टैंकों की नाकामी और युद्ध खत्म होने की उम्मीद
ट्रंप ने युद्ध के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि रूसी टैंक तेजी से कीव की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन खराब मौसम और कीचड़ ने उनकी रफ्तार रोक दी। उन्होंने रूसी सेना के नुकसान का भी जिक्र किया, साथ ही कहा कि यूक्रेन ने बड़ी संख्या में सैनिक गंवाए हैं। ट्रंप के मुताबिक, रूस के पास बड़ी आबादी होने के कारण वह लंबे समय तक नुकसान सहने की क्षमता रखता है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए। हालांकि, उनके बयान से यह साफ नहीं होता कि शांति समझौते के लिए दोनों पक्ष किन शर्तों पर सहमत हो सकते हैं। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें