अमृतसर में जन्मे 66 वर्षीय अवतार सिंह ने अपनी असली मां की तलाश में दशकों तक कोशिश की। पिता से केवल मां का नाम पता चलने के बाद उन्होंने गूगल, फेसबुक और अन्य माध्यमों का सहारा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार चैटजीपीटी के जरिए उन्हें अपनी सौतेली बहन निक्सी का ब्लॉग मिला, जिससे दोनों भाई-बहन का संपर्क हुआ। हालांकि उनकी मां का 2024 में निधन हो चुका था, फिर भी वर्षों बाद परिवार से जुड़ने का सपना एआई की मदद से पूरा हो गया।
अमृतसर में जन्मे 66 वर्षीय अवतार सिंह का पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने किया। वह दादी को ही अपनी मां मानते थे। आठ वर्ष की उम्र में उन्हें पता चला कि उनके पिता, मां और एक छोटे भाई कनाडा में रहते हैं। वर्ष 1968 में नौ साल की उम्र में उन्हें अकेले ही नोवा स्कोटिया के हालीफैक्स भेज दिया गया। नए परिवार के साथ रहने पर उन्हें महसूस हुआ कि उनकी मां का व्यवहार उनके प्रति बेहद रूखा था। तभी से उन्हें शक होने लगा कि वह उनकी सगी मां नहीं हैं, लेकिन परिवार ने इस विषय पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।
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आखिर अवतार को अपनी असली मां के बारे में सच कैसे पता चला?
जब अवतार की शादी हुई तो उनके दादा-दादी कुछ समय के लिए कनाडा पहुंचे। उसी दौरान उनकी दादी ने अवतार की पत्नी को बताया कि अवतार उनके पिता की पहली पत्नी के बेटे हैं। उनकी मां दक्षिण अफ्रीका में रहती थीं और वह उन्हें दादा-दादी के पास छोड़कर चली गई थीं। कई वर्षों बाद पिता ने काफी पूछने पर सिर्फ इतना बताया कि उनकी मां का नाम सविंदर था। बस इसी एक जानकारी के सहारे अवतार ने अपनी मां को खोजने की हर संभव कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने फेसबुक और गूगल की मदद ली। उन्हें लगता था कि शायद परिवार ने उनकी मां की दूसरी शादी कराने के लिए उन्हें दादा-दादी के पास छोड़ दिया था। उन्हें यह भी उम्मीद थी कि उनकी मां शायद ब्रिटेन में रहती होंगी। वर्ष 2009 में वह लंदन भी पहुंचे और विवाह पंजीकरण रिकॉर्ड के जरिए मां को तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
मां की डिजिटल विरासत ने भाई-बहन को कैसे मिलाया?
अवतार की तरह ही ब्रिटेन के बर्मिंघम में रहने वाली उनकी सौतेली बहन निक्सी भी अपने भाई को तलाशने की कोशिश कर रही थीं। पेशे से ज्वेलरी डिजाइनर 58 वर्षीय निक्सी अपनी मां सविंदर के बेहद करीब थीं। उन्हें भी काफी समय बाद पता चला कि उनकी मां की पहले भी शादी हो चुकी थी और उनका एक बेटा भी है। उन्होंने यह सोचकर कि शायद कभी उनका भाई उन्हें ढूंढ़ने की कोशिश करे, अपनी मां की डिजिटल विरासत तैयार करने का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी मां से जुड़ी जानकारियां ब्लॉग और लेखों के रूप में इंटरनेट पर प्रकाशित कीं।
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आखिरी कोशिश में चैटजीपीटी ने कैसे आसान कर दिया वर्षों का इंतजार?
अवतार कैंसर के इलाज से उबर रहे हैं। इसी वर्ष 8 मई को वह छुट्टियां मनाने फ्रांस गए थे। खाली समय में उनके मन में एक बार फिर अपनी मां को खोजने का विचार आया। इस बार उन्होंने एआई की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने चैटजीपीटी पर अपनी मां का नाम, अमृतसर से जुड़ी जानकारी और अन्य उपलब्ध विवरण डालकर खोजबीन की। हालांकि मां के बारे में सीधी जानकारी नहीं मिली, लेकिन एक लिंक जरूर मिला, जो निक्सी द्वारा लिखा गया ब्लॉग था। उसी ब्लॉग के जरिए अवतार का निक्सी से संपर्क हो गया।
मां से मुलाकात क्यों नहीं हो सकी और अब किस बात का है अफसोस?
अवतार को पता चला कि उनकी मां सविंदर का दिसंबर 2024 में 88 वर्ष की उम्र में निधन हो चुका था। उन्हें इस बात का गहरा अफसोस है कि वह अपनी मां से कभी मिल नहीं सके। हालांकि, निक्सी से मुलाकात और मां के साथ बिताए उसके अनुभवों को सुनकर उन्हें कुछ संतोष जरूर मिला। वर्षों की तलाश भले ही मां तक नहीं पहुंचा सकी, लेकिन एआई की मदद से उन्हें अपना बिछड़ा परिवार जरूर मिल गया।