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एल मेंचो कौन था?: डेढ़ करोड़ डॉलर का इनामी, अमेरिका का मोस्ट वांटेड; जिसकी मौत से जल उठा मैक्सिको

Mon, 23 Feb 2026 10:11 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी

सार

मैक्सिको के सबसे खूंखार और ताकतवर ड्रग कार्टेल की मौत के बाद अब मैक्सिको में हिंसा का दौर शुरू हो सकता है। कार्टेल के सदस्य आगजनी और गोलीबारी कर रहे हैं, जिसके चलते मैक्सिको के कई शहरों में स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। 
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एल मेंचो की मौत से मैक्सिको में तनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैक्सिको की सेना ने रविवार को देश के सबसे ताकतवर ड्रग कार्टेल सरगना और अमेरिका के सबसे वांछित भगोड़ों में शामिल नेमेसियो ओसेगुएरा केरवेंटेस को मार गिराया। जिसे एल मेंचो के नाम से जाना जाता है। यह कार्रवाई मैक्सिको सरकार के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, हालांकि इसके तुरंत बाद देशभर में हिंसा शुरू हो गई है और ड्रग कार्टेल (गैंग) के सदस्य अलग-अलग जगहों पर आगजनी और गोलीबारी कर रहे हैं। कई रिटेल स्टोर, सार्वजनिक वाहनों और इमारतों में कार्टेल के लोगों ने आग लगा दी है। कई इलाकों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। नेमेसियो ओसेगुएला केरवेंटेस, जेलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (जेएनजीसी) नामक गैंग का सरगना था। यह गैंग इस वक्त मैक्सिको का सबसे बड़ा, तेजी से बढ़ता और सबसे खतरनाक गैंग है। 
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कौन था एल मेंचो?
  • नेमेसियो ओसेगुएला (59 वर्षीय) पश्चिमी मैक्सिको के मिचोआकान प्रांत का निवासी था और बीते तीन दशकों से संगठित अपराध का बड़ा नाम था। 
  • साल 1994 में अमेरिका में हेरोइन तस्करी के आरोप में उसे तीन साल की सजा हुई थी। जेल से रिहा होकर वह फिर मैक्सिको लौटा  और उसने ड्रग तस्करी की दुनिया में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की।  
  • करीब 2009 में उसने जेल्सिको न्यू जेनरेशन ड्रग कार्टेल की स्थापना की। यह गैंग अमेरिका तक कोकीन, मेथामफेटामाइन, फेंटेनिल और अवैध प्रवासियों की तस्करी में शामिल रहा।
  • जेएनजीसी ने ड्रोन और आईईडी जैसे हथियारों के इस्तेमाल से हिंसा के नए तरीके अपनाए। 2015 में जालिस्को में मैक्सिको की सेना के हेलीकॉप्टर को गिराने और मेक्सिको सिटी के तत्कालीन पुलिस प्रमुख ओमार गार्सिया पर हमले की असफल कोशिश की। इस दुस्साहसिक हमले से इस कार्टेल ने अपनी खतरनाक पहचान बनाई।


एल मेंचो की हत्या के बाद देशभर में हिंसा
  • एल मेंचो की मौत के बाद कार्टेल सदस्यों ने कई राज्यों में आगजनी और सड़क जाम की घटनाओं को अंजाम दिया। करीब एक दर्जन राज्यों में गाड़ियों को जलाया गया है और सड़कों को बंद कर दिया गया है।
  • मैक्सिको के दूसरे सबसे बड़े शहर ग्वाडलाहारा में लोग घरों में कैद हैं। कई राज्यों में सोमवार को स्कूल बंद कर दिए गए और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया। 
  • यहां तक कि ग्वाटेमाला ने भी मेक्सिको सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी।
अमेरिका–मैक्सिको संबंधों को हो सकता है फायदा
  • ओसेगुएरा, अमेरिका में कई मामलों में वांछित था। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसकी गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था।
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एल मेंचो कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। ट्रंप प्रशासन लगातार मैक्सिको पर ड्रग कार्टेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव बनाता रहा है, यहां तक कि टैरिफ या एकतरफा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
  • अब एल मेंचो की मौत से दोनों देशों के संबंधों में बेहतरी हो सकती है।
  • अमेरिकी विदेश उपमंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि 'अच्छी ताकतें बुरी ताकतों से मजबूत हैं।'
  • पूर्व डीईए अधिकारी माइक विजिल के अनुसार, यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन को यह मजबूत संदेश देती है कि मैक्सिको सबसे ताकतवर कार्टेल के खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ रहा है।
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अब कौन संभालेगा कमान?
एल मेंचो की मौत के बाद अब सवाल ये है कि जेलिस्को ड्रग कार्टेल की कमान कौन संभालेगा? यह कार्टेल मेक्सिको के 32 में से कम से कम 21 राज्यों में सक्रिय है और अमेरिका के लगभग हर हिस्से में इसकी मौजूदगी बताई जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेंचो पूरे संगठन पर नियंत्रण रखता था। उसकी गैरमौजूदगी से कार्टेल की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है और प्रतिद्वंद्वी कार्टेल को बढ़त मिल सकती है। इसके चलते मैक्सिको में हिंसा का दौर शुरू हो सकता है। 
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