पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। वह एक मामले में पेशी के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। इमरान की गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने एक मई को वारंट जारी किया था।
इमरान खान पर करीब 140 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। लंबे समय से वह तोशखाना मामले में फंसे हुए हैं। इस मामले में भी उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर तोशखाना मामले में इमरान की गिरफ्तारी नहीं हुई है तो वह क्या मामला है, जिसमें इमरान इतने बुरे फंस गए? अल कादिर ट्रस्ट मामला क्या है? इसमें इमरान की पत्नी बुशरा बीवी की क्या भूमिका है? आइए जानते हैं...
पहले जानिए क्या है अल कादिर ट्रस्ट का मामला?
दरअसल, ये मामला अल कादिर ट्रस्ट विश्वविद्यालय से जुड़ा है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरा (NAB) ने पिछले बुधवार को इमरान खान, उनकी पत्नी बुशरा बीवी और इमरान खान की पार्टी पीटीआई से जुड़े कई नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आरोप है कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए अपनी पत्नी बुशरा बीबी और पीटीआई के कुछ अन्य नेताओं के साथ मिलकर अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट का गठन किया था। इसका उद्देश्य पंजाब के सोहावा जिला झेलम में 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' प्रदान करने के लिए 'अल-कादिर विश्वविद्यालय' स्थापित करना था। ट्रस्ट के कार्यालय के पते का उल्लेख "बनी गाला हाउस, इस्लामाबाद" के रूप में किया गया है।
आरोप है कि इस विश्वविद्यालय के लिए इमरान और उनकी पत्नी ने एक रेशिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की जमीन गैर कानूनी तरीके से हड़प ली। इसके लिए दोनों ने पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज को धमकी भी दी थी। इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की ओर से पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांगे जाने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य पीटीआई नेताओं पर राष्ट्रीय खजाने को 190 मिलियन पाउंड का नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगा है।