अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि वह वामपंथी समूह एंटीफा को एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहे हैं और साथ ही चेतावनी दी कि इसे वित्तपोषित करने वालों की कानूनी मानकों और प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी। ट्रंप ने एंटीफा को एक बीमार, खतरनाक, कट्टरपंथी वामपंथी आपदा बताकर संबोधित किया।
एंटीफा क्या है?
यह धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का एक गुप्त समूह है जो हाल के वर्षों में उभरा है। इसके आधिकारिक नेताओं के बारे में जानकारी नहीं है। इसके सदस्य, अक्सर पूरी तरह से काले कपड़े पहने हुए, नस्लवाद, अति-दक्षिणपंथी विचारधारा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं। ये संगठन दक्षिणपंथी विचारधारा को फासीवादी मानता है। ये संगठन हिंसक रणनीति को कभी-कभी आत्मरक्षा के रूप में उचित ठहराते हैं।
एंटीफा सदस्य खुद को एक विरोध परंपरा का हिस्सा मानते हैं जिसका नाता द्वितीय विश्व युद्ध से पहले नाजी जर्मनी और फासीवादी इटली के विपक्षी समूहों से माना जाता है। अमेरिका में एंटीफा साल 1980 के दशक में सक्रिय हुए, जब नस्लवाद और नव-नाजियों की गतिविधियों के विरोध में लोग लामबंद हुए। हालांकि इनकी गतिविधियां सीमित रहीं। 12 अगस्त, 2017 को वर्जीनिया के चार्लोट्सविले में श्वेत वर्चस्ववादियों और उनके विरोधियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अमेरिका में एंटीफा को प्रमुखता से चर्चा मिली। दावा किया गया कि श्वेत वर्चस्ववादियों का विरोध करने वालों में एंटीफा समर्थक भी मौजूद थे।
ये भी पढ़ें-
Trump: धुर वामपंथी संगठन 'एंटीफा' को ट्रंप ने आतंकी संगठन घोषित किया, चार्ली किर्क की हत्या के बाद लिया फैसला
हाल के वर्षों में अमेरिका में तेजी से सक्रिय हुए एंटीफा सदस्य
पिछले कुछ वर्षों में एंटीफा के सदस्य विरोध प्रदर्शनों और रैलियों में सक्रिय हुए हैं, खासकर अति-दक्षिणपंथी सदस्य की रैलियों के खिलाफ ये रैली निकालते हैं। जून 2016 में, एंटीफा और अन्य प्रदर्शनकारियों ने कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में एक नव-नाजी रैली का विरोध किया, जिसमें हुई हिंसा में कम से कम पांच लोगों को चाकू मार दिया गया। फरवरी, मार्च और अप्रैल 2017 में, एंटीफा सदस्यों ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में अति-दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों पर हमले किए।
ट्रंप हिंसा की कई घटनाओं के लिए एंटीफा पर लगा चुके हैं आरोप
जुलाई 2019 में, कथित एंटीफा सदस्य विलियम वैन स्प्रोन्सन ने वाशिंगटन के टैकोमा में अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन हिरासत केंद्र पर बमबारी करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे मार गिराया। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही पुलिस के खिलाफ हिंसा और यहां तक कि 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी कैपिटल में दंगे के लिए भी एंटीफा को ही जिम्मेदार ठहराते आए हैं। अब चार्ली किर्क की हत्या के बाद ट्रंप ने एंटीफा को आंतकी संगठन घोषित कर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।