अमेरिका ने आतंकवादी संगठन अल कायदा (Al Qaeda) के सरगना अयमान अल जवाहिरी (Ayman al-Zawahiri killed) को एक ड्रोन हमले (Drone strike) में मार गिराया है। साल 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल जवाहिरी को इसकी कमान सौंपी गई थी। आतंकी जवाहिरी के मरने पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने बयान देते हुए कहा कि शनिवार को मेरे निर्देश पर अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक ड्रोन स्ट्राइक की गई, इसमें अलकायदा का सरगना अयमान अल-जवाहिरी की मौत हो गई। यह 11 नवंबर 2001 को हुए हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक और कदम है। आइए जानते हैं आतंक की फैक्टरी चलाने वाला अलकायदा क्या है?...
क्या है अलकायदा?
अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्लाह आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमरीका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, रूस और कई देशों ने आतंकवादी समूह करार दिया है।
कितनी संपत्ति और कितने लड़ाके
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अलकायदा के पास 20 हजार से अधिक लड़ाके हैं और यह संगठन 60-65 देशों में मौजूद है। अलकायदा की संपत्ति की बात करें तो अलकायदा के पास 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1200 से 1500 करोड़ तक का फंड है। यह संगठन इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंक फैलाने और लड़ाकों को ट्रेनिंग करने पर करता है।
कौन था ओसामा बिन लादेन
अलकायदा को ओसामा-बिन-लादेन ने ही शुरू किया था। 10 मार्च 1957 को इसका जन्म सऊदी अरब के रियाद शहर में हुआ था। ओसामा के पिता मोहम्मद अवाद बिन लादेन एक अमीर बिल्डर थे। अवाद बिन लादेन के 52 बच्चे थे और ओसामा 17वें नंबर पर था। पिता की 1968 में मौत हो गई। तब ओसामा 11 साल का था और उसे विरासत में आठ करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। उस दौरान वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
कौन था अल-जवाहिरी जिसे अमेरिका ने शनिवार रात मौत के घाट उतार दिया
ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अलकायदा प्रमुख की कुर्सी अयमान अल-जवाहिरी ने संभाल ली। अयमान अल-जवाहिरी की उम्र 71 साल है। इसने भी ओसामा के मरने के बाद भारत, अमेरिका समेत कई देशों में आतंकी हमले करवाए। इसका जन्म 1951 में गिजा में हुआ था। जवाहरी ने मेडिकल की पढ़ाई की थी। अभी इसकी तलाश दुनियाभर की कई एजेंसियां कर रहीं हैं। कहा जाता है कि अलकायदा को अभी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, ईराक, कुवैत जैसे देशों से फंडिंग मिलती है।
अल-जवाहिरी और ओसामा की मुलाकात कुछ इस तरह हुई
सऊदी में मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से हुई थी। फिर दोनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई। लादेन अपने संगठन को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के पेशावर गया था और इस दौरान अल जवाहिरी भी उसके साथ था। यहीं से दोनों आतंकियों के बीच रिश्ता और मजबूत होने लगा। इसके बाद 2001 में अल जवाहिरी ने अपने संगठन का अलकायदा में विलय कर लिया।