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Al-Qaeda: आतंक की फैक्टरी है 'अलकायदा', कितने लड़ाके, कितनी संपत्ति, जानें यहां सबकुछ

Tue, 02 Aug 2022 09:49 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्लाह आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। 
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अलकायदा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका ने आतंकवादी संगठन अल कायदा (Al Qaeda) के सरगना अयमान अल जवाहिरी (Ayman al-Zawahiri killed) को एक ड्रोन हमले (Drone strike) में मार गिराया है। साल 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल जवाहिरी को इसकी कमान सौंपी गई थी। आतंकी जवाहिरी के मरने पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने बयान देते हुए कहा कि शनिवार को मेरे निर्देश पर अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक ड्रोन स्ट्राइक की गई, इसमें अलकायदा का सरगना अयमान अल-जवाहिरी की मौत हो गई। यह 11 नवंबर 2001 को हुए हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक और कदम है। आइए जानते हैं आतंक की फैक्टरी चलाने वाला अलकायदा क्या है?...

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क्या है अलकायदा?
अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्लाह आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमरीका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, रूस और कई देशों ने आतंकवादी समूह करार दिया है। 

कितनी संपत्ति और कितने लड़ाके
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अलकायदा के पास 20 हजार से अधिक लड़ाके हैं और यह संगठन 60-65 देशों में मौजूद है। अलकायदा की संपत्ति की बात करें तो अलकायदा के पास 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1200 से 1500 करोड़ तक का फंड है। यह संगठन इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंक फैलाने और लड़ाकों को ट्रेनिंग करने पर करता  है। 
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कौन था ओसामा बिन लादेन
अलकायदा को ओसामा-बिन-लादेन ने ही शुरू किया था। 10 मार्च 1957 को इसका जन्म सऊदी अरब के रियाद शहर में हुआ था। ओसामा के पिता मोहम्मद अवाद बिन लादेन एक अमीर बिल्डर थे। अवाद बिन लादेन के 52 बच्चे थे और ओसामा 17वें नंबर पर था।  पिता की 1968 में मौत हो गई। तब ओसामा 11 साल का था और उसे विरासत में आठ करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। उस दौरान वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। 

कौन था अल-जवाहिरी जिसे अमेरिका ने शनिवार रात मौत के घाट उतार दिया
ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अलकायदा प्रमुख की कुर्सी अयमान अल-जवाहिरी ने संभाल ली। अयमान अल-जवाहिरी की उम्र 71 साल है। इसने भी ओसामा के मरने के बाद भारत, अमेरिका समेत कई देशों में आतंकी हमले करवाए। इसका जन्म 1951 में गिजा में हुआ था। जवाहरी ने मेडिकल की पढ़ाई की थी। अभी इसकी तलाश दुनियाभर की कई एजेंसियां कर रहीं हैं। कहा जाता है कि अलकायदा को अभी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, ईराक, कुवैत जैसे देशों से फंडिंग मिलती है।

अल-जवाहिरी और ओसामा की मुलाकात कुछ इस तरह हुई
सऊदी में मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से हुई थी। फिर दोनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई। लादेन अपने संगठन को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के पेशावर गया था और इस दौरान  अल जवाहिरी भी उसके साथ था। यहीं से दोनों आतंकियों के बीच रिश्ता और मजबूत होने लगा। इसके बाद 2001 में अल जवाहिरी ने  अपने संगठन का अलकायदा में विलय कर लिया।

कौन था ओसामा बिन लादेन

ओसामा बिन लादेन - फोटो : अमर उजाला
अलकायदा को ओसामा-बिन-लादेन ने ही शुरू किया था। 10 मार्च 1957 को इसका जन्म सऊदी अरब के रियाद शहर में हुआ था। ओसामा के पिता मोहम्मद अवाद बिन लादेन एक अमीर बिल्डर थे। अवाद बिन लादेन के 52 बच्चे थे और ओसामा 17वें नंबर पर था।  पिता की 1968 में मौत हो गई। तब ओसामा 11 साल का था और उसे विरासत में आठ करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। उस दौरान वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। 



लादेन कैसे बन गया आतंकवादी? 
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ओसामा बिन लादेन कट्टरपंथी इस्लामी शिक्षकों और छात्रों के संपर्क में आया। इसके बाद वह 1979 में मुजाहिदीन नाम से पहचाने जाने वाले लड़ाकों की मदद के लिए अफगानिस्तान गया। लादेन एक गुट का मुख्य आर्थिक मददगार बन गया, जो बाद में अल कायदा कहलाया। 1989 में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के हटने के बाद लादेन अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए वापस सऊदी अरब लौट गया। यहां उसने अफगान युद्ध में मदद के लिए फंड जुटाना शुरू किया। यहीं से अलकायदा वैश्विक गुट बन गया। इसके सदस्य 35 से 60 देशों में बन गए। 

1991 में जब अमेरिकी सैनिकों ने कुवैत से इराकी बलों को खदेड़ने के लिए युद्ध शुरू किया, तो लादेन ने अमेरिकी बलों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। तब उसे सऊदी अरब से निष्कासित कर दिया गया। सऊदी अरब ने उसकी और उसके परिवार की नागरिकता वापस ले ली। तब उसने सूडान में शरण ली।

अलकायदा ने एक के बाद एक कई आतंकी हमले किए
1993 में ओसामा बिन लादेन के आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहली बार हमला किया। इसमें छह लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। इस मामले में छह मुस्लिम कट्टरपंथी दोषी ठहराए गए थे। उसी साल नवंबर में रियाद में एक इमारत के सामने बम फटा। इस इमारत में अमेरिकी सेना से जुड़े लोग काम करते थे। इस हमले में अमेरिका के पांच और भारत के दो नागरिक मारे गए थे। हमले में 60 से भी ज्यादा लोग घायल।
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अलकायदा ने अमेरिकी दूतावास पर किया हमला

अमेरिकी दूतावास पर हमला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
1995 में नैरोबी और तंजानिया के दार ए सलाम में अमेरिकी दूतावासों के बाहर बम विस्फोट हुआ। इसमें 224 लोग मारे गए थे। 1996 में अमेरिकी दबाव के कारण सूडान ने लादेन को निष्कासित कर दिया। इसके बाद लादेन अपने 10 बच्चों और तीन बीवियों को लेकर अफगानिस्तान पहुंचा। यहां उसने अमेरिकी बलों के खिलाफ जिहाद की घोषणा की। 20 अगस्त 1998 को दूतावास पर हमलों के जवाब में अमेरिका ने अफगानिस्तान और सूडान में लादेन के प्रशिक्षण शिविरों पर हमले किए। इसमें 20 आतंकी मारे गए। हालांकि, लादेन निकल चुका था। 

दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ
2001 में अल-कायदा ने दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला किया। 11 सितंबर को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टॉवर्स और पेंटागन पर आतंकियों ने हमला किया। इसमें तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को तेजी से खोजना शुरू कर दिया। अफगानिस्तान के कोने-कोने में अमेरिका ने उसकी तलाश की, लेकिन नहीं मिला। अमेरिका से छिप-छिपकर भाग रहे ओसामा ने इस बीच कई ऑडियो टेप जारी किए और दुनियाभर के मुसलमानों से जिहाद करने की अपील करने लगा।

फिर मारा गया ओसामा बिन लादेन
दो मई 2011 को आखिरकार अमेरिका के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। अमेरिका को मालूम चला कि ओसामा पाकिस्तान में छिपा है। तब अमेरिका के सबसे तेज सैन्य टुकड़ी ने इस्लामाबाद के पास ऐबटाबाद में एक ऑपरेशन में ओसामा को मार गिराया। 
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