मानव ढाल होती क्या है?
Human Hhields Hamas: जिनेवा कन्वेंशन और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के कानून में दी गई परिभाषाओं में मानव ढाल को एक युद्ध अपराध बताया गया है। इन परिभाषाओं के मुताबिक, सैन्य अभियानों से बचने के लिए आतंकियों द्वारा किसी नागरिक की मौजूदगी का इस्तेमाल करना ही मानव ढाल है।
अंतरराष्ट्रीय कानून यह स्पष्ट करता है कि भले ही कोई सशस्त्र गुट खुद को बचाने के लिए मानव ढाल का अनुचित उपयोग कर रहा हो, फिर भी उसके विरोधियों को नागरिकों की जान को बचाना चाहिए।
अन्य परिभाषा कहती है कि भारी आबादी वाले क्षेत्रों के पास हथियार चलाना और ठिकाने बनाना एक युद्ध अपराध होगा। विशेष रूप से उन स्थानों के पास जिनकी जिनेवा समझौते के मुताबिक रक्षा की जानी चाहिए, जिनमें स्कूल, अस्पताल या धर्म स्थल शामिल हैं।
सरल शब्दों में कहें तो आतंकी खुद को बचाने के लिए उन जगहों से छिपकर हमला करते हैं जहां आम लोगों की मौजूदगी होती है। आतंकी जवाबी कार्रवाई से छिपने के लिए आम लोगों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
हमास पर क्या आरोप हैं?
गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र आतंकवादी समूहों के खिलाफ संघर्ष के दौरान इस्राइल ने बार-बार उन पर गाजा की घनी आबादी के पीछे छिपकर खुद को बचाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि हमास के आतंकी फलस्तीन के शरणार्थियों को भी मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके साथ ही इस्राइल ने मौजूदा संघर्ष में एक रणनीति के रूप में हमास द्वारा मानव ढाल का उपयोग करने के कई उदाहरणों का हवाला दिया है। बीते शुक्रवार को इस्राइली डिफेन्स फोर्सेज ने दावा किया है कि हमास ने गाजा पट्टी में शिफा अस्पताल को अपना मुख्यालय बना लिया है। कहा गया कि संगठन शिफा अस्पताल से ही ऑपरेशन चला रहा है।
उधर हाल ही में आईडीएफ द्वारा गिरफ्तार हमास सदस्यों ने भी इस बात का खुलासा किया था कि वो आईडीएफ हमलों से खुद को बचाने के लिए गाजा पट्टी में अस्पतालों का उपयोग कर रहे थे। आईडीएफ पिछले कई दिनों से गाजा पट्टी पर जमीनी हमले की तैयारियां कर रहा था, लेकिन कई बार उसे अपने कदम वापस लेने पड़े। मानव ढाल और सुरंगों के कारण इस्राइल को गाजा पट्टी पर जमीनी हमले में लगभग दो हफ्ते की देरी करनी पड़ी।
इस्राइल और हमास के बीच जंग
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क्या हमास पहले से ऐसा ही करता आया है?
कई दस्तावेजों से पता चलता है कि हमास और अन्य संगठनों ने अतीत में भी अस्पतालों और स्कूलों सहित नागरिक केंद्रों का उपयोग किया है। 2014 के इस्राइल-हमास संघर्ष के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि उसके द्वारा संचालित के दो स्कूलों के अंदर हथियार पाए गए थे। इसके अलावा गाजा में फलस्तीनी सशस्त्र गुटों द्वारा संरक्षित नागरिक स्थानों के करीब रॉकेट और अन्य हथियारों से गोलीबारी करने की कई घटनाएं हुईं। आरोप लगते हैं कि हमास ने रिहायशी भवनों से अपने अभियान चलाए।
इस्राइल ने इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया है?
इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र से लेकर हर महत्वपूर्ण मौकों पर मानव ढाल के उपयोग पर चिंता व्यक्त की है। 27 अक्तूबर को यूएन में इस्राइली राजदूत गिलाद मेनाशे एर्दान ने कहा, 'हमास ने खुद को गाजा की घनी आबादी के बीच स्थापित कर लिया है और गाजा के लोगों का आतंकवादियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एर्दान ने यूएएन से यह भी पूछा कि वह हमास को जवाबदेह क्यों नहीं ठहरा रहा है?
इस बीच इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ताल हेनरिक ने कहा कि इस युद्ध में हम सिर्फ हमास के खिलाफ है न कि फलस्तीनी लोगों के खिलाफ। उन्होंने आगे कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि हमास निर्दोष फलस्तीनियों को मानव ढाल के रूप में क्यों इस्तेमाल कर रहा है। हमास के आतंकी गाजा में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने से क्यों रोक रहे हैं।