पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान की दाईं आंख का तीसरा इलाज किया गया है। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक यह प्रक्रिया गंभीर आंखों की बीमारी के चलते की गई। लंबे समय से नजर कमजोर होने की शिकायत के बीच यह मामला अब राजनीतिक और मानवीय मुद्दा भी बनता जा रहा है।
इमरान खान को सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नाम की गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख की नस में ब्लॉकेज हो जाता है और देखने की क्षमता प्रभावित होती है। इस बीमारी के इलाज के तहत उन्हें तीसरा एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन दिया गया। यह प्रक्रिया इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में की गई। डॉक्टरों ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान और बाद में उनकी हालत स्थिर रही।
क्या है इमरान खान की आंखों की बीमारी?
इमरान खान को जो बीमारी हुई है, वह आंख की नसों से जुड़ी गंभीर समस्या है। इसमें खून का प्रवाह रुक जाता है और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी दाईं आंख की करीब 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। यह बीमारी अगर समय पर नियंत्रित न हो तो पूरी तरह दृष्टि जाने का खतरा रहता है।
इलाज में अब तक क्या-क्या किया गया?
डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी में आमतौर पर तीन इंजेक्शन दिए जाते हैं और इमरान खान को तीसरा इंजेक्शन दिया जा चुका है। यह इंजेक्शन माइक्रोस्कोप की मदद से सावधानीपूर्वक लगाया गया। अस्पताल ने बताया कि फिलहाल चौथे इंजेक्शन की जरूरत नहीं दिख रही है, लेकिन चार हफ्ते बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
क्या जेल प्रशासन पर उठे हैं सवाल?
इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी आंख की हालत इतनी खराब हुई है। उनका कहना है कि सही समय पर इलाज नहीं मिलने से नुकसान बढ़ा। वहीं खान की पार्टी और परिवार ने भी सरकार पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही।
इलाज के बाद क्या स्थिति है?
अस्पताल के मुताबिक इंजेक्शन देने के बाद कुछ समय तक निगरानी में रखा गया और जब उनकी हालत स्थिर पाई गई, तो उन्हें वापस रावलपिंडी की अडियाला जेल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने कहा कि आगे की स्थिति का आकलन चार हफ्तों बाद किया जाएगा और उसी आधार पर आगे का इलाज तय होगा।
कब से जेल में बंद हैं इमरान?
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। ऐसे में उनकी सेहत का मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। अगर उनकी आंखों की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो यह मामला पाकिस्तान की राजनीति और न्यायिक व्यवस्था में और बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल सभी की नजर उनकी अगली मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी है।
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