ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन से हमला किया। मुख्य निशाना अबु धाबी के पास स्थित अल-धफरा एयर बेस था। यूएई की मिसाइल रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलें और ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए, लेकिन गिरते मलबे ने दुबई के पांच प्रमुख स्थानों हवाई अड्डा, बुर्ज अल अरब, पाम जुमेराह, बुर्ज खलीफा क्षेत्र और जेबल अली बंदरगाह को नुकसान पहुंचाया। इस हमले में कुल आठ लोग घायल हुए हैं।
1. बुर्ज खलीफा के पास क्या हुआ और क्या वह सुरक्षित है?
बुर्ज खलीफा सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि दुबई की पहचान है। 828 मीटर ऊंची यह इमारत दुनिया की सबसे लंबी इमारत है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.5 अरब डॉलर है। इसके 124वें, 125वें और 148वें माले पर बने डेक हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हमले के दिन बुर्ज खलीफा के पास जोरदार धमाके सुने गए। एक ईरानी ड्रोन इसके आसपास देखे जाने की भी खबर आई। एक वीडियो सामने आया, जिसमें इमारत के पास धुआं उठता दिखा। एहतियात के तौर पर इमारत को खाली करा लिया गया। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि यह इमारत सीधे हमले का निशाना थी या नहीं और क्या इसे कोई नुकसान पहुंचा है। इस इमारत का बीमा लगभग 1.5 अरब डॉलर का है, जबकि अपार्टमेंट, होटल और दफ्तरों का बीमा उनके मालिकों ने अलग से कराया हुआ है।
2. बुर्ज अल अरब पर क्या हुआ और यह होटल इतना खास क्यों है?
बुर्ज अल अरब को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि यह सिर्फ एक होटल नहीं, दुबई की महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। 1999 में जुमेराह बीच के पास एक कृत्रिम द्वीप पर खुला यह टॉवर दुनिया के पहले सात सितारा होटल के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है। इस हमले में एक ड्रोन को शहर के ऊपर ही रोक लिया गया, लेकिन उसके गिरते मलबे ने होटल के बाहरी हिस्से में आग लगा दी। दुबई मीडिया ऑफिस ने इसे मामूली आग बताया।
3. पाम जुमेराह द्वीप पर क्या हुआ?
दुबई के इस कृत्रिम द्वीप पर पहले एक इमारत में आग लगी और चार लोग घायल हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फेयरमोंट होटल के बाहर धुआं और लपटें दिखीं। यह पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय होटल है। इस्राइली मीडिया ने भी यहां हमले की पुष्टि की। कुछ घंटों बाद उसी इमारत के पास एक और विस्फोट हुआ। एक चश्मदीद ने ऊपर से एक ड्रोन नीचे आता देखा।
4. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर क्या हुआ?
ईरान ने शनिवार को खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइल हमले दागे मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता देते हुए दुबई एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने दुबई इंटरनेशनल (डीएक्सबी) और अल मकतूम इंटरनेशनल (डीडब्ल्यूसी) पर सभी उड़ानों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का एलान कर दिया। दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को ईरान का दूसरा हमला हुआ, जिसमें चार लोग घायल हो गए। यह हमला उसी दिन हुआ जब शनिवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान और अन्य शहरों पर हमले शुरू किए थे।
5. जेबल अली बंदरगाह
यहां आग लगने की खबर आई। यह बंदरगाह यूएई के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यह कोई सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इसका रणनीतिक महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह पश्चिमी में अमेरिकी नौसेना के लिए सबसे बड़ा बंदरगाह है। यहां से अमेरिकी विमानवाहक पोत और अन्य नौसैनिक जहाज नियमित रूप से आते-जाते रहते हैं।
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बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना इतना मुश्किल क्यों है?
बैलिस्टिक मिसाइलें 20,000 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की रफ्तार से दूरी तय कर सकती हैं। इस गति से एक मिसाइल पूरे UAE को महज कुछ मिनटों में पार कर सकती है। इतने कम समय में रक्षा प्रणाली को रडार से मिसाइल को पकड़ना, उसकी गति और दिशा का सटीक अनुमान लगाना होता है। फिर एक इंटरसेप्टर को उसी बिंदु पर भेजना होता है, जहां से मिसाइल गुजर रही है। जरा-सी चूक मिसाइल को बचकर निकलने का मौका दे देती है।
UAE की रक्षा प्रणाली कैसे काम करती है?
UAE के पास दो मुख्य रक्षा प्रणालियां हैं। पहली है THAAD। यह मिसाइलों को बहुत ऊंचाई पर, उनकी उड़ान के अंतिम चरण में रोकती है। यह विस्फोटकों का उपयोग नहीं करती, बल्कि सीधी टक्कर से मिसाइल को नष्ट करती है। UAE 2022 में THAAD तैनात करने वाला अमेरिका के बाहर पहला देश बना। दूसरी है MIM-104 पैट्रियट प्रणाली। यह कम ऊंचाई पर खतरों से निपटती है। दोनों प्रणालियां मिलकर एक ऐसा जाल बनाती हैं कि अगर THAAD किसी मिसाइल को ऊपर नहीं रोक पाई, तो पैट्रियट नीचे उसे रोकने की कोशिश करती है।
इतनी मजबूत रक्षा प्रणाली के बावजूद नुकसान कैसे हुआ?
UAE ने 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन यानी कुल 346 खतरों को रोकने में काफी हद तक सफलता पाई, लेकिन इन्हें मार गिराने की प्रक्रिया में निकला मलबा और छर्रे जमीन पर गिरे। उन्होंने दुबई हवाई अड्डे, बुर्ज अल अरब, पाम जुमेराह और जेबल अली बंदरगाह जैसी जगहों पर नुकसान किया।
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दुबई में कौन फंसा?
भारत की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने दुबई एयरपोर्ट के पास हुए एक धमाके को लेकर अपना भयावह अनुभव साझा किया। क्षेत्र में ईरान से जुड़े हमलों के कारण हालात पहले से ही तनावपूर्ण थे, इसी बीच एयरपोर्ट के पास विस्फोट होने से अफरा-तफरी मच गई। सिंधू और उनकी टीम उस समय एयरपोर्ट पर फंसी हुई थी। अचानक हुए धमाके ने वहां मौजूद सभी लोगों को हिला कर रख दिया। सिंधू ने बताया कि स्थिति हर घंटे के साथ और ज्यादा डरावनी होती जा रही है।
वहीं, फिल्म 'जन्नत' फेम अभिनेत्री सोनल चौहान दुबई में फंस गईं। जंग की वजह से उनकी उड़ान रद्द हो गई। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है। उधर, दुबई में बड़ी संख्या में इंदौर के नागरिक फंसे हुए हैं। इंदौर के कई व्यापारी और नेता हाल ही में दुबई में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। इनमें दो पूर्व विधायक शामिल हैं।
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