इराक के प्रधानमंत्री अल-सुदानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री से कहा कि इराक की जमीन और आसमान का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए न हो। उन्होंने इराक को क्षेत्रीय युद्ध से दूर रखने पर जोर दिया। इसी बीच, ईरान ने इराक स्थित अमेरिकी एयर बेस पर पांच मिसाइलें दागने की जिम्मेदारी ली है।
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कहा है कि इराक को किसी भी हमले के लिए लॉन्च पैड की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सुदानी ने रुबियो को बताया कि उनका देश इलाके में दुश्मनी फैलाने का जरिया नहीं बनेगा।
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क्या बोले इराकी के प्रधानमंत्री?
यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में सुरक्षा के हालात बहुत खराब हैं। लड़ाई शुरू होते ही इराक के आसमान में कई तरफ से आती मिसाइलें और लड़ाकू विमान दिखने लगे थे। प्रधानमंत्री के मीडिया ऑफिस ने बताया कि फोन पर हुई इस बातचीत में सुदानी ने एक बड़ी बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पक्का करना जरूरी है कि इराक की जमीन, आसमान और पानी का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए न हो।
प्रधानमंत्री इराक को बढ़ती हिंसा से बचाना चाहते हैं। बगदाद सरकार अपनी सीमाओं के बिना इजाजत इस्तेमाल के खिलाफ खड़ी है। सुदानी ने अमेरिकी अधिकारी से कहा कि इराक को इन झगड़ों में घसीटने की कोशिश न की जाए। उन्होंने किसी भी पक्ष की तरफ से इराक की सीमाओं के उल्लंघन की कड़ी निंदा की।
ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर पांच मिसाइलें दागी
इराक शांति की कोशिश कर रहा है, लेकिन युद्ध की आग उसकी सीमाओं के भीतर पहुंच चुकी है। ईरान की सेना (आईआरजीसी) ने उत्तरी इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि उन्होंने इराक के कुर्दिस्तान में स्थित 'हरीर एयर बेस' पर हमला किया। यह एयर बेस अमेरिकी सेना का मुख्य केंद्र है।
ईरानी सेना ने बताया कि इस सैन्य ठिकाने पर पांच मिसाइलें दागी गईं। अल जजीरा के मुताबिक, यह हमला इलाके में बढ़ते तनाव का बड़ा संकेत है। हरीर एयर बेस अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण जगह है। इसलिए अमेरिकी मुख्यालय को निशाना बनाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सुदानी ने साफ कर दिया है कि वे अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करेंगे।