पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग के कांसुलर अफेयर्स ने कहा है कि क्षेत्र का सुरक्षा माहौल जटिल बना हुआ है और हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। विभाग ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकियों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। वहीं, जो अमेरिकी नागरिक अभी पश्चिम एशिया से बाहर हैं, उन्हें इस क्षेत्र में या इसके रास्ते यात्रा करने पर गंभीरता से दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है।
उड़ानें और हवाई क्षेत्र बंद होने का खतरा क्यों बताया?
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मौजूदा हालात में उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं और यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पश्चिम एशिया से आने-जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को एयरपोर्ट और एयरलाइन के संचालन से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है। यानी अमेरिका ने अपने नागरिकों को किसी भी अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विभाग ने साफ कहा है कि मौजूदा सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है।
हूती हमलों को लेकर अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी सुरक्षा चेतावनी में ईरान समर्थित हूतियों की सऊदी अरब के साथ जारी दुश्मनी का भी जिक्र किया गया है। अमेरिका के मुताबिक, हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है, जिसमें नागरिक हवाई अड्डे भी शामिल रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संघर्ष के तेजी से बढ़ने की आशंका जताई है। यही वजह है कि उसने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। हालिया घटनाक्रम में हूतियों ने रियाद को निशाना बनाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।
अमेरिका के दूसरे ठिकानों पर भी खतरा क्यों बताया?
अमेरिकी विदेश विभाग ने सिर्फ पश्चिम एशिया तक खतरा सीमित नहीं बताया है। उसने कहा है कि अमेरिका के राजनयिक प्रतिष्ठानों को पश्चिम एशिया के बाहर भी निशाना बनाया गया है। विभाग के मुताबिक, ईरान और ईरान समर्थक समूह दुनिया के दूसरे हिस्सों में अमेरिकी हितों या अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े स्थानों को निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरे संस्थान भी शामिल हैं।
ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए क्या कहा?
इसी बीच ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के सामने बातचीत शुरू करने के लिए सात स्पष्ट शर्तें रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ईरान का संदेश साफ और बिना किसी अस्पष्टता के है। रेजाई के मुताबिक, अगर अमेरिका अपने पैदा किए संकट से निकलना और उसमें और उलझने से बचना चाहता है तो उसे ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।