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West Asia Tension: जॉर्डन तक पहुंची जंग की आग, ईरानी सेना के मिसाइल हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत

Sat, 18 Jul 2026 11:34 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।

सार

West Asia Tension: पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी टकराव का असर जॉर्डन में भी दिखने लगा है। जॉर्डन तक पहुंची जंग की आग में कई सैनिकों के हताहत होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सेना के मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि कई घायल हुए हैं।
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ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ा - फोटो : एएनआई-रॉयटर्स / अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बीते चार महीने से अधिक समय से जारी टकराव के बीच अमेरिकी सेना ने बताया कि शुक्रवार को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में दो सैनिक मारे गए और एक लापता है। युद्ध की शुरुआत के बाद यह सीधे ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों की पहली मौत है। मारे गए सैनिकों की पहचान नहीं बताई गई है।

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ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों पर अरब लीग, GCC ने क्या कहा?
अमेरिका और ईरान के टकराव का असर पश्चिम एशिया में कई देशों पर भी पड़ रहा है। अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से क्षेत्रीय देशों पर हमले किए हैं। खाड़ी देशों और अरब लीग ने ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। अरब लीग और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने तेहरान के इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित कई देश प्रभावित हुए हैं। दोनों संगठनों ने सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। GCC छह अरब देशों- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का शक्तिशाली राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य गठबंधन है। अरब लीग में पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के 22 राज्यों का एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है।

हमलों की निंदा कर क्या बोले जीसीसी महासचिव?
कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के मुताबिक सैन्य हमलों के विनाशकारी और व्यापक परिणाम का जिक्र करते हुए GCC के महासचिव जसीम अल-बुदैवी ने कहा, ईरान ने जो किया है, वह बेहद खतरनाक वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे युद्ध अपराध पर अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तय कर और मुकदमा चलाना जरूरी है। अरब लीग के महासचिव नबील फहमी ने भी इन चिंताओं को दोहराया। फहमी ने कहा, तेहरान ने लापरवाही के साथ हमले कर युद्ध के दायरे को बढ़ाने का प्रयास जानबूझकर किया है। कुवैत न्यूज एजेंसी के अनुसार, फहमी ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी आक्रामक चालों के लिए क्षेत्रीय सहनशीलता समाप्त हो चुकी है।
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ईरान-अमेरिका के बीच कैसे बढ़ रही शत्रुता?

  • अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरानी ठिकानों पर लगातार सातवीं रात भीषण हमले किए।
  • जवाबी कार्रवाई में ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बताया कि सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' का 14वां चरण चलाया।
  • कुवैत और जॉर्डन में कई अमेरिकी सैन्य सुविधाओं के खिलाफ ड्रोन से हमले किए गए।
  • IRGC के मुताबिक जॉर्डन में मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर कम से कम दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें गिरी हैं।
  • जॉर्डन के वायु रक्षा नेटवर्क ने शनिवार सुबह क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली 10 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया।
  • बहरीन में पांचवीं बार हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन सक्रिय किए गए। लोगों से शांत रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया।
  • ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने पुलों को निशाना बनाया, कई नागरिक हताहत हुए।
  • तेहरान ने दोनों पक्षों के बीच 14-सूत्री समझौता ज्ञापन (इस्लामाबाद समझौता) के प्रति प्रतिबद्धताओं को औपचारिक रूप से निलंबित करने की घोषणा की।

जंग के बीच सुप्रीम लीडर के बयान में क्या?
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच कभी न भूलने वाले सबक सिखाने की चेतावनी दी है। शनिवार को खामेनेई ने कहा, अगर अमेरिकी सेना इस्लामी गणराज्य पर हमला करना जारी रखता है तो उसे 'अविस्मरणीय अंजाम' भुगतने को तैयार रहना चाहिए।

ये भी पढ़ें- अमेरिका से शांति समझौता खत्म?: ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की धमकी, कहा-सिखाएंगे कभी न भूलने वाला सबक

ईरान ने ट्रंप के हस्ताक्षर की खिल्ली उड़ाते हुए क्या कहा?
खामेनेई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को भी 'बेकार और अमान्य' करार दिया। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब कुछ घंटे पहले शांति समझौते से जुड़े एक वार्ताकार ने कहा कि तेहरान लगभग एक महीने पहले हुई डील को खत्म कर रहा है।

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ईरान ने युद्ध रोकने के समझौते की शर्तों को मानने से इनकार किया
गौरतलब है करीब 112 दिनों की जंग के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। अब तेहरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सामने नहीं आए हैं। उनके नाम से जारी बयान सरकारी टेलीविजन पर तब पढ़ा गया। इस बयान से पहले अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।

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