सार
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान के विदेश इशाक डार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश करेगा। सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं और मुस्लिम देशों की एकता जरूरी है।
इशाक डार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री
- फोटो : एक्स/@DPM_PK
पश्चिम एशिया में बीते एक महीने से जारी संघर्ष ने एक साथ कई सारी वैश्विक चिंताओं को जन्म दिया है। ऐसे में जारी संघर्ष के बीच इसी बीच अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाका डार का बड़ा बयान सामने आया है। रविवार को उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश करेगा। यह बयान डार ने सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद दिया। यह बैठक पाकिस्तान में आयोजित की गई थी, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात पर चर्चा हुई।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार ने आगे इस युद्ध और इसके प्रभाव को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध किसी के भी हित में नहीं है। इससे सिर्फ जान-माल का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मुस्लिम देशों की एकता बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मेहमान देशों के विदेश मंत्रियों को इस्लामाबाद में संभावित अमेरिका-ईरान बातचीत की योजना के बारे में जानकारी दी।
ये भी पढ़ें:- लेबनान सीमा पर इस्राइल का बड़ा फैसला: नेतन्याहू ने बफर जोन बढ़ाने का दिया आदेश, बोले- हालात पूरी तरह बदलेंगे
दूसरे देशों का क्या रुख पर डार ने क्या कहा?
अपने बयान में डार ने आगे इस मामले में दूसरे देशों के रुख पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विदेशी मंत्रियों ने इस पहल का पूरा समर्थन किया। डार ने कहा कि सभी चाहते हैं कि तनाव कम हो और शांति स्थापित हो। बता दें कि एक महीने से जारी इस संघर्ष के चलते अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत शुरू होने में देरी हो रही है। इसी वजह से पाकिस्तान अब मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
ये भी पढ़ें:- England: इंग्लैंड में अनियंत्रित कार ने राहगीरों को कुचला, भारतीय मूल का शख्स गिरफ्तार; सात लोग घायल
चीन का मिला समर्थन
डार ने यह भी बताया कि उन्होंने चीनी विदेश मंत्री से बात की है और चीन ने भी इस कदम का समर्थन किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर रहा है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल होती है, तो क्षेत्र में शांति बहाल हो सकती है और हालात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ जाएगी।