ईरान इस समय एक अभूतपूर्व डिजिटल आपातकाल से गुजर रहा है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह से बंद है। यह किसी भी देश में लगाया गया दुनिया का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट बन गया है। ठीक आठ हफ्ते पहले शुरू हुए इस प्रतिबंध ने न केवल ईरान के 9 करोड़ से अधिक नागरिकों को दुनिया से अलग-थलग कर दिया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी भारी चोट पहुंचाई है।
28 फरवरी को बंद किया गया था इंटरनेट
अमेरिका-इस्राइल की ओर से किए गए हमले के बाद 28 फरवरी को इंटरनेट सेवाएं अचानक बंद कर दी गई थी। क्षेत्रीय अस्थिरता और युद्ध के खतरों के बीच ईरानी शासन ने सूचनाओं के प्रवाह को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए इसका सहारा लिया। नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के मुताबिक, यह व्यवधान अब 1,344 घंटों की अवधि को पार कर चुका है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह की पाबंदी लगाई थी, जिससे आंतरिक अशांति की खबरें बाहर न जा सकें।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इंटरनेट की इस लंबी अनुपस्थिति ने ईरान के आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन व्यापार और परिवहन नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़े हैं।
आर्थिक नुकसान: विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस शटडाउन से ईरानी अर्थव्यवस्था को अब तक 2.5 बिलियन डॉलर यानी 23,570 करोड़ का कुल नुकसान हो चुका है। प्रतिदिन लगभग 370 करोड़ का राजस्व प्रभावित हो रहा है।
सामाजिक अलगाव: लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। विदेशी मीडिया और स्वतंत्र सूचना स्रोतों तक पहुंच पूरी तरह बंद है, जिससे देश के भीतर डर और अनिश्चितता का माहौल है।
तकनीकी घेराबंदी: ईरानी अधिकारियों ने स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट को रोकने के लिए सैन्य-ग्रेड के जैमर्स का उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे संचार के वैकल्पिक रास्ते भी बंद हो गए हैं।
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इतिहास का सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी इटंरनेट ब्लैकआउट
फरवरी 2026 के अंत से चलने वाला ईरान का यह इंटरनेट शटडाउन अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट बन गया है। दुनिया में पहले भी इंटरनेट बंद हुए हैं, लेकिन ईरान का यह मामला सबसे गंभीर है।
सूडान: 2021 में यहां इंटरनेट करीब 35-36 दिन बंद रहा था, जो अब तक का रिकॉर्ड माना जाता था। ईरान ने इसे पीछे छोड़ दिया है।
म्यांमार और एथियोपिया: यहां कुछ इलाकों में इंटरनेट महीनों बंद रहा है, लेकिन पूरे देश में एक साथ और लगातार बंद रहने के मामले में ईरान अब नंबर एक पर है।
ईरान का पुराना रिकॉर्ड: 2019 में यहां केवल सात दिनों के लिए इंटरनेट बंद हुआ था, जो इस बार के मुकाबले बहुत कम था।
एक ओर जहां ईरान डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उसका अमेरिका और इस्राइल के साथ राजनयिक गतिरोध भी गहराता जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। फिलहाल ईरान में इंटरनेट की बहाली को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, जिससे यह 'डिजिटल अंधकार' के और लंबा खिंचने के आसार हैं।