अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है, जहां अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए बंदरगाहों की नाकेबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रखने के संकेत दिए हैं। जवाब में ईरान ने साफ कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखेगा और अपने हित सुरक्षित होने तक कोई समझौता नहीं करेगा। पढ़िए रिपोर्ट-
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी लंबे समय तक जारी रखने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह कार्रवाई अनिश्चितकाल तक जारी रह सकती है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि इस नाकेबंदी का असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है तो अमेरिका इसे लंबे समय तक जारी रख सकता है।
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दूसरी ओर, ईरान ने इस नाकेबंदी पर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक नहीं छोड़ेगा, जब तक उसके हित पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते। ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र है और वह अपने आर्थिक और समुद्री हितों की रक्षा के लिए इस पर नियंत्रण बनाए रखेगा। रेजाई ने यह भी कहा कि अगर ईरान की नौसेना कमजोर होती, तो अमेरिकी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरने से नहीं बचते। उन्होंने कहा कि पिछले समझौतों से सबक लेते हुए अब नए समझौते ज्यादा सावधानी से और आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर किए जाएंगे। उनके अनुसार, अब बातचीत की शर्तें ईरान खुद तय करेगा। इस बीच चीन चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत में अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा की गारंटी भी मांगी।
ईरानी सैन्य प्रमुख ने कहा-देश के लिए खुद को कुर्बान करने को तैयार
ईरान के आर्मी चीफ अमीर हतामी ने अमेरिकी नाकाबंदी पर कहा कि हमारा देश मजबूती के साथ खड़ा है। हतामी बोले-देश की रक्षा के लिए खुद को भी कुर्बान करने को तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और इस्राइल को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को झुकाने का उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ईरान को घुटनों पर लाने की उनकी कोशिशें नाकाम रहेंगी। अमेरिका और इस्राइल का यह सपना कब्र तक जाएगा।
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अमेरिका ने ईरान से निकल रहे 13 जहाजों को लौटाया
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के बंदरगाहों से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, सोमवार से शुरू हुई इस नाकाबंदी के बाद अब तक कोई भी जहाज इसे पार नहीं कर पाया है।
अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध रोकने वाला प्रस्ताव खारिज : अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने ईरान के खिलाफ युद्ध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से लाए गए प्रस्ताव को सदन ने बृहस्पतिवार को एक वोट से खारिज कर दिया। प्रस्ताव के विरोध में 214 और समर्थन में 213 वोट पड़े।