फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UAE पर 16 मिसाइलों और 117 ड्रोन से हमला: खाड़ी देशों में तनाव के बीच राष्ट्रपति नाहयान भावुक? जानिए पूरा मामला

Sun, 08 Mar 2026 05:19 PM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

West Asia Crisis: अमेरिका-इस्राइल की तरफ से हमले के बाद ईरान अपने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस कड़ी में ईरान यूएई पर 16 मिसाइल और 117 ड्रोन से हमले किए हैं। वहीं यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का देशवासियों के नाम संदेश भी दिया है।
विज्ञापन
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, यूएई के राष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूएई के अनुसार, ईरान ने रविवार को नए हमलों में 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 से अधिक ड्रोन दागे हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने सभी 16 मिसाइलों को रोक दिया, जबकि 17वीं मिसाइल समुद्र में गिर गई। मंत्रालय का कहना है कि उसने अधिकांश ड्रोनों को भी रोक दिया, लेकिन चार ड्रोन यूएई की सीमा में गिरे। मंत्रालय ने कहा कि वह इन खतरों का दृढ़ता से सामना करने के लिए तैयार है। संयुक्त अरब अमीरात के बयान में रविवार के हमलों वाली जगहों का खुलासा नहीं किया गया है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति ने रविवार को इस्राइल और अमेरिका के लगातार हमलों के जवाब में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले बढ़ाने की धमकी दी थी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - पश्चिम एशिया में युद्ध का भारत पर क्या असर: तेल-गैस के लिए क्या कदम उठाए गए, संघर्ष में अब तक क्या रही भूमिका?

यूएई के राष्ट्रपति का भावुक संदेश
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देश के लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि सरकार हर हाल में देश और यहां रहने वाले सभी लोगों की सुरक्षा करेगी। उन्होंने हाल ही में क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान घायल हुए लोगों से मुलाकात भी की और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की। राष्ट्रपति का यह संदेश अबू धाबी टीवी पर प्रसारित किया गया, जो हाल में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था।
विज्ञापन


दरअसल, हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र पर भी दिखाई दिया। इस दौरान कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही रोकने की कार्रवाई की गई। हालांकि इन इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से दुबई के कुछ इलाकों में नुकसान हुआ और कम से कम एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। इस घटना के बाद पूरे यूएई में लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया था।

'मुश्किल समय में देश को मजबूत और एकजुट रहना होगा'
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में देश को मजबूत और एकजुट रहना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूएई एक मजबूत और दृढ़ देश है और इसकी सुरक्षा को कोई भी आसानी से चुनौती नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ अमीराती नागरिकों की ही नहीं बल्कि देश में रहने वाले लाखों विदेशी नागरिकों की भी है। इस संदेश से पहले राष्ट्रपति ना ने अबू धाबी के शेख शख्बूत मेडिकल सिटी अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों और उनके परिवारों से बात की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के काम की भी सराहना की, जो संकट की इस घड़ी में लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। अस्पताल से जारी तस्वीरों में राष्ट्रपति घायलों का हालचाल लेते और परिवारों को हौसला देते नजर आए।

'यूएई अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार'
इस दौरान राष्ट्रपति ने माना कि मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति के कारण लोगों के मन में चिंता और अनिश्चितता है। उन्होंने नागरिकों और प्रवासियों से शांत रहने और एकजुट रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर संकट के दौरान प्रशासन से कोई कमी रह जाए तो लोग उसे समझते हुए माफ करें। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि यूएई अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि देश में आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं, जो मिसाइल और ड्रोन को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही पहचान कर उन्हें नष्ट कर देते हैं। इन प्रणालियों में रडार ट्रैकिंग, इंटरसेप्टर मिसाइल और समन्वित सैन्य इकाइयां शामिल हैं, जो 24 घंटे काम करती हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - 'अंतरराष्ट्रीय कानून लगभग खत्म': पश्चिम एशिया में संघर्ष पर रूस की दो टूक, वैश्विक सुरक्षा को खतरे में बताया

सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर अलर्ट और आपात संदेश भी जारी किए हैं। इन संदेशों में लोगों को सलाह दी जाती है कि इंटरसेप्शन ऑपरेशन के दौरान कुछ समय के लिए घरों के अंदर रहें ताकि किसी भी तरह का खतरा कम किया जा सके। फिलहाल यूएई की सुरक्षा एजेंसियां, आपात सेवाएं और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर हैं। सरकार का कहना है कि क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए देश पूरी तरह तैयार है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक प्रयास जारी हैं ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को और ज्यादा बढ़ने से रोका जा सके।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें