युद्ध के 11वें दिन ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 30 कथित जासूसों को गिरफ्तार किया है।मंत्रालय के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में एक विदेशी नागरिक भी शामिल है, जिसकी राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया गया है।न्यायपालिका के समाचार पोर्टल ‘मिजान ऑनलाइन’ के माध्यम से जारी बयान में बताया गया कि इस विदेशी नागरिक को ईरान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि यह व्यक्ति दो फारस की खाड़ी के देशों के लिए जासूसी कर रहा था। मंत्रालय के मुताबिक वह कथित तौर पर “अमेरिकी-ज़ायोनिस्ट दुश्मन” के नाम पर यह गतिविधियां चला रहा था।
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर घालिबाफ ने कहा है कि ईरान अमेरिकी और इस्राइली बातचीत के जरिए युद्ध समाप्ति नहीं चाहता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम निश्चित रूप से सेजफायर की तलाश में नहीं हैं। हमारा मानना है कि आक्रामक को मुंह पर मुक्का मारकर सबक सिखाना चाहिए, ताकि वह हमारे प्यारे ईरान पर फिर कभी हमला करने की सोच भी न पाए। घालिबाफ ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध-बातचीत-सेजफायर और फिर युद्ध के चक्र को तोड़ना चाहता है, जो रणनीति इस्राइल अपने प्रभुत्व को दिखाने के लिए अपनाता है।
ईरान की सेनाओं ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने इस्राइल के हाइफा शहर में तेल और गैस रिफाइनरी तथा ईंधन टैंकों के खिलाफ ड्रोन/मिसाइल हमला किया। इसका उद्देश्य दावा करते हुए बताया गया कि यह इस्राइल द्वारा उनके ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के जवाब में किया गया प्रतिकार है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले को बाजान ग्रुप की रिफाइनरी पर निशाना बनाकर किया गया, जो इस्राइल का एक बड़ा तेल प्रसंस्करण केंद्र है। हालांकि इस्राइल की तरफ से स्पष्ट जानकारी नहीं आई है कि हमला सफल रहा या कोई बड़ा नुकसान हुआ।
हंगरी की सरकार ने बढ़ती ईंधन कीमतों को देखते हुए कच्चा तेल, डीजल और 95-ऑक्टेन पेट्रोल के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह जानकारी वित्त मंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में दी। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अपने राज्य ईंधन भंडार से 45 दिनों का ईंधन जारी करेगी ताकि घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। इससे पहले हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने कहा था कि हंगरी में ईंधन की कीमतों पर सीमा तय की जाएगी, ताकि उपभोक्ता और व्यवसाय बढ़ती कीमतों से बच सकें। यह कदम मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच लिया गया है।
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ईरान के साथ युद्ध के चलते पिछले 24 घंटों में 191 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार अस्पताल में भर्ती होने वालों में सैनिक और आम नागरिक दोनों शामिल हैं, जिनमें से कम से कम एक की हालत गंभीर और तीन अन्य की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। इससे पहले सोमवार को यहूद शहर पर ईरानी मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, जिसकी पुष्टि मागेन डेविड एडोम एम्बुलेंस सेवा ने की है।
पश्चिमी ईरान के अराक शहर में अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमले में पांच लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। ईरानी समाचार एजेंसी इसना ने बताया है कि यह हमला शहर की एक आवासीय इमारत पर किया गया।
बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए लेबनान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी है कि यदि वे उपलब्ध निकासी विकल्पों का लाभ नहीं उठाते तो उन्हें शेल्टर में रहने के लिए तैयार रहना चाहिए। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने घर या किसी सुरक्षित इमारत में सुरक्षित स्थान तलाशें और खाने-पीने का सामान, दवाइयां तथा अन्य जरूरी चीजें अपने पास रखें। उधर लेबनान ने बताया है कि पिछले एक हफ्ते में इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई में पांच लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और इस्राइली हमलों में कम से कम 486 लोगों की जान जा चुकी है।
बंगलूरू के होटल मालिकों के एक संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर LPG गैस की कीमतें बढ़ती रहीं, तो उनके होटल बंद करने पड़ सकते हैं। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की आलोचना की है, क्योंकि हाल ही में खाना बनाने वाली इस गैस की कीमतें बढ़ाई गई हैं। भारत का ज्यादातर LPG ईंधन मध्य पूर्व से आयात करता है, जो Hormuz जलसंधि के बंद होने की वजह से अब मुश्किल में है। इस कारण गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और होटल कारोबार प्रभावित हो सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइल की सेना पर कई हमले किए हैं। हिजबुल्ला के अनुसार, उसके लड़ाकों ने शहर के बाहरी इलाके में इस्राइली सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया। संगठन का कहना है कि इस हमले में इजरायल के तीन टैंक निशाना बने। इसके साथ ही हिजबुल्ला ने यह भी दावा किया कि ये टैंक मर्कवा टैंक थे और हमले के बाद तीनों टैंकों में आग लग गई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सेना ने एक बार फिर हवाई खतरे को नाकाम कर दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सेना ने कुछ ही मिनट पहले देश के पूर्वी हिस्से की ओर आ रहे दो और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल पहले से ही सतर्क थे। इससे करीब तीन घंटे पहले भी सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने दो ड्रोन को देश के अल-खराज गवर्नरेट के पास इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था।
अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन को समय रहते पहचान लिया गया था, जिसके बाद सऊदी सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिरा दिया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये ड्रोन किसने भेजे थे और उनका निशाना क्या था। लेकिन क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। सऊदी अरब की सेना का कहना है कि वह देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हवाई खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
इराक के किरकुक प्रांत के उत्तर-पश्चिम इलाके में ईरान समर्थित मिलिशिया के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया गया है। इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह हमला पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (पीएमयू) की 40वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया। पीएमयू, जिसे अल-हश्द अल-शाबी भी कहा जाता है, शिया सशस्त्र समूहों का एक बड़ा गठबंधन है। इन समूहों का गठन उस समय हुआ था जब इराक में अमेरिकी कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध तेज हुआ था। हालिया हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण बहरीन का हवाई क्षेत्र अब भी बंद है। इस बीच राष्ट्रीय एयरलाइन गल्फ एयर ने देश में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष प्रत्यावर्तन उड़ानें शुरू की हैं। ये वे यात्री हैं जो 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद बहरीन में फंस गए थे। एयरलाइन ने बताया कि मंगलवार को दो विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और दम्माम हवाई अड्डे का उपयोग किया जाएगा। पहली उड़ान दम्माम से पाकिस्तान के कराची के लिए रवाना होगी, जबकि दूसरी उड़ान कराची से यात्रियों को लेकर वापस दम्माम आएगी।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत की। कार्नी ने कहा कि उन्होंने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच कतर के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने कतर सरकार का धन्यवाद भी किया, जिसने कतर में रह रहे कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग किया है। कार्नी ने कहा कि दोनों देशों ने उन कनाडाई नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर भी चर्चा की, जो मौजूदा हालात के कारण देश छोड़ना चाहते हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और निकासी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देश के पूर्वी हिस्से में एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन को मार गिराया गया। मंत्रालय के अनुसार मिसाइल को समय रहते रोक लिया गया, जबकि अल-खारज गवर्नरेट के पूर्व में उड़ रहे दो ड्रोन को भी वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली टैंक हमले में मारोनाइट कैथोलिक पादरी फादर पियरे अल-राही की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार टैंक ने एक घर पर दूसरी बार गोला दागा, जब गांव के लोग घायलों की मदद करने पहुंचे थे। गांव परिषद के प्रमुख हन्ना दाहेर ने बताया कि इस हमले में कई लोग घायल हुए और फादर अल-राही भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनकी बाद में मौत हो गई। हमले से एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि वह खतरे के बावजूद गांव छोड़कर नहीं जाएंगे और शांति के साथ अपने लोगों के साथ खड़े रहेंगे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले सप्ताह से इस्राइली हमलों में कम से कम 394 लोग मारे जा चुके हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि चल रहे युद्ध का अंत वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा। आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नाएनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान अभी भी क्षेत्रीय समीकरणों पर नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के लोगों या महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले जारी रखे तो क्षेत्र से हमलावर देशों और उनके सहयोगियों को एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने दिया जाएगा। नाएनी ने कहा कि ईरानी सेना ने अभी अपनी पूरी रणनीतिक सैन्य क्षमता का उपयोग भी नहीं किया है और देश लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को होने वाले खतरे को खत्म करने के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान और उसके समर्थित समूहों की ओर से जहाजों को जो खतरा था, उसे खत्म करने के लिए यह सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल्द ही पूरा हो सकता है और इससे वैश्विक तेल बाजार को राहत मिलेगी। ट्रंप के अनुसार अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा भी दे रहा है और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षा के लिए साथ चल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिकी सुरक्षा में चल रहे जहाजों पर हमला करता है तो उसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे।
ईरान की राजधानी तेहरान में हाल के दिनों की सबसे तीव्र हवाई बमबारी देखी गई है। लगातार कई घंटों तक जोरदार धमाकों से शहर दहल उठा और कई इलाकों में खिड़कियां तक हिल गईं। तेहरान के पूर्वी हिस्सों में वायु रक्षा प्रणाली भी सक्रिय रही और आसमान में लगातार चमक दिखाई दी। इसी दौरान करज, तबरीज और इस्फहान में भी बड़े धमाकों की खबरें सामने आई हैं। इस्फहान में गवर्नर कार्यालय और एक प्राचीन शाही महल को निशाना बनाए जाने की सूचना है। कुछ रिपोर्टों में परमाणु ठिकानों के पास विस्फोट की आशंका भी जताई गई है। वहीं ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘प्रॉमिस्ड ऑपरेशन’ की 33वीं लहर शुरू करने और इस्राइल पर भारी मिसाइलों से हमले का दावा किया है।
इराक के एक सशस्त्र समूह सराया औलिया अल-दाम ने बगदाद एयरपोर्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। समूह ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में दावा किया कि उसने ड्रोन के जरिए बगदाद एयरपोर्ट स्थित विक्टोरिया सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया। हाल के दिनों में इराक में ऐसे हमलों की संख्या बढ़ी है। पिछले सप्ताह उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र एरबिल में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने और एक होटल को भी दो ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इससे पहले सुलैमानियाह में भी एक इमारत पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसमें आग लगने की तस्वीरें सामने आई थीं।
इस्राइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने बताया कि लेबनान सीमा के पास हुए एक हमले में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि शुक्रवार को सीमा पर तैनात सैनिकों पर मोर्टार दागा गया था, जिसमें आठ इस्राइली सैनिक घायल हुए। घायलों में उनका बेटा बेन्या हेब्रोन भी शामिल है। स्मोट्रिच के अनुसार हमले में छर्रे उसके शरीर में घुस गए और पीठ तथा पेट को गंभीर नुकसान पहुंचा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि एक छर्रा उसके जिगर को चीरते हुए पेट की बड़ी रक्त वाहिका के पास जा फंसा। अगर वह नस क्षतिग्रस्त हो जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि तेहरान तुर्किये पर कथित मिसाइल हमले की जांच के लिए संयुक्त टीम बनाने को तैयार है। ईरानी मीडिया के अनुसार पेज़ेश्कियन ने कहा कि इस्राइल और अमेरिका क्षेत्र के देशों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि ईरान क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देश अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न होने दें। बातचीत में एर्दोआन ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तुर्किये तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल का युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और यह एक अल्पकालिक सैन्य अभियान साबित हो सकता है। उन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा के डोरल में रिपब्लिकन कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, संचार व्यवस्था और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी सेना अपनी शुरुआती योजना से काफी आगे निकल चुकी है और अभियान को समाप्त करने के लिए तय चार से पांच सप्ताह की समयसीमा से भी तेज गति से कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने दावा किया है कि पिछले एक सप्ताह में इस्राइल पर ईरान की तुलना में लेबनान से ज्यादा हमले हुए हैं। उन्होंने पश्चिम यरूशलम में लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस से मुलाकात के बाद यह बयान दिया। सार ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह ने ईरान के दबाव में युद्ध में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा पर सैनिकों की तैनाती जरूरी है ताकि हिजबुल्लाह के हमलों और संभावित घुसपैठ को रोका जा सके।
ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी इलाके में हुए भीषण हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला रिहायशी इमारतों वाले इलाके में हुआ, जिससे भारी तबाही मची है। दिनभर शहर में हर कुछ घंटों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। इस्फहान समेत कई बड़े शहरों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि एक प्राचीन महल, जो यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल था, हमले में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे तीन ड्रोन को मार गिराया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही पहचान लिया गया और नष्ट कर दिया गया। यह तेल क्षेत्र सऊदी अरब के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हमले के प्रयास के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
इराक की राजधानी बगदाद में हवाई सुरक्षा बलों ने बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन मार गिराए। ड्रोन गिरने के बाद घटनास्थल पर आग लग गई। इससे पहले अमेरिकी दूतावास से जुड़े लॉजिस्टिक सपोर्ट कैंप को भी निशाना बनाया गया था। इसी दौरान बसरा के दक्षिण-पूर्वी सीमा चौकियों और अल-सिबा, अल-तनुमा, अबू अल-खासिब तथा अल-शलामजा के दक्षिणी इलाकों में भी ड्रोन हमलों की सूचना मिली। हालांकि विस्फोट और आग के बावजूद अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को बधाई संदेश भेजा है। उन्होंने खामेनेई को उनके नेतृत्व की नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं। बताया जा रहा है कि सुल्तान हैथम खाड़ी क्षेत्र के पहले अरब नेता हैं जिन्होंने मोजतबा खामेनेई को बधाई दी है। मोजतबा खामेनेई को उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में युद्ध तेज हो गया है।
पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपने दूतावास और वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। 10 मार्च को होने वाले बड़े धार्मिक जुलूसों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा चेतावनी जारी कर कहा है कि इस्लामाबाद स्थित दूतावास और लाहौर, कराची तथा पेशावर के वाणिज्य दूतावासों में काम कर रहे कर्मियों को सीमित दायरे में रहने को कहा गया है। अमेरिका ने फिलहाल पाकिस्तान में सभी कांसुलर सेवाएं भी रोक दी हैं। इससे पहले कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था।
ईरान के लोरेस्तान प्रांत में अमेरिका और इस्राइल के हमलों में तीन छात्रों की मौत की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार हमलों में स्कूल के बच्चों की जान चली गई। मारे गए छात्रों की पहचान मोहम्मद सालेह साकेत, अमीर अली चेराघी और अनाहिद रश्नो के रूप में हुई है। रिपोर्ट के अनुसार अनाहिद रश्नो अपनी मां के साथ मारी गई। इन हमलों के बाद ईरान में आक्रोश बढ़ गया है और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
इस्राइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-अंसारिया गांव के लोगों को तत्काल इलाका खाली करने का आदेश दिया है। सेना का कहना है कि इलाके में हिजबुल्लाह की गतिविधियों को निशाना बनाते हुए सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई गई है। इस्राइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि गांव के सभी निवासियों को तुरंत अपने घर छोड़कर कम से कम एक हजार मीटर दूर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। सेना का दावा है कि इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया जाएगा। इस आदेश के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
तुर्किये ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल घुसने के बाद कड़ा कदम उठाया है। तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत मोहम्मद हसन हबीबोल्लाहजाद को तलब कर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थी। बाद में नाटो की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में इसे मार गिराया। मिसाइल के कुछ टुकड़े गाजियांटेप क्षेत्र के एक खाली मैदान में गिरे। इससे पहले भी चार मार्च को ईरान की एक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ी थी, जिसे नाटो ने रोक दिया था।
ईरान ने एक बार फिर कहा है कि पश्चिम एशिया में उसके हमले आत्मरक्षा की रणनीति का हिस्सा हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान का उद्देश्य अमेरिका को क्षेत्र में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमला करने से रोकना है। अराघची ने कहा कि ईरान सीधे तौर पर पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर हमले किए जा रहे हैं, वे वास्तव में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के स्रोत हैं। ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य केवल अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।ईरान ने एक बार फिर कहा है कि पश्चिम एशिया में उसके हमले आत्मरक्षा की रणनीति का हिस्सा हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान का उद्देश्य अमेरिका को क्षेत्र में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमला करने से रोकना है। अराघची ने कहा कि ईरान सीधे तौर पर पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर हमले किए जा रहे हैं, वे वास्तव में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के स्रोत हैं। ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य केवल अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अमेरिका में बढ़ती तेल कीमतों को लेकर व्हाइट हाउस सक्रिय हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए सभी संभावित विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि मौजूदा हालात में ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकता है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने एक बयान में कहा कि ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम पहले से ही बाजार को स्थिर रखने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू होने से पहले ही ऊर्जा बाजार को संभालने की रणनीति तैयार कर चुकी थी। फिलहाल सरकार सभी भरोसेमंद विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि तेल कीमतों में तेजी को नियंत्रित किया जा सके।
तुर्किये ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल घुसने के बाद कड़ा कदम उठाया है। तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत मोहम्मद हसन हबीबोल्लाहजाद को तलब कर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थी। बाद में नाटो की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में इसे मार गिराया। मिसाइल के कुछ टुकड़े गाजियांटेप क्षेत्र के एक खाली मैदान में गिरे। इससे पहले भी चार मार्च को ईरान की एक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ी थी, जिसे नाटो ने रोक दिया था।