इस्राइली सेना ने रविवार को दावा किया कि दक्षिणी लेबनान में किए गए हवाई हमले में हिजबुल्ला के बद्र रीजनल डिवीजन के एक वरिष्ठ कमांडर की मौत हो गई। लेबनानी मीडिया के अनुसार इस हमले में चार लोगों की मौत हुई है।
इस्राइली सेना ने एक बयान में कहा कि अबू हसन अला की शनिवार देर रात दीर अल-जहरानी पर हुए हमले में मौत हो गई। इस्राइल ने इस हमले को दक्षिणी लेबनान में अपने सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमलो का "जवाब" बताया। उस हमले में तीन सैनिक घायल हो गए थे।
लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी ने कहा कि इस्राइली लड़ाकू विमानों ने दो मंजिला इमारत पर हमला किया, जिसमें चार लोग मारे गए और पांच घायल हो गए। शनिवार को ही, अंसार गांव पर इस्राइली एयरस्ट्राइक में सात लोग मारे गए थे, जो 2024 में हुए सीजफायर के बाद सबसे भीषण हमला था।
मारा गया शख्स बटालियन कमांडर
इसे लेकर, इस्राइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने एक बयान जारी किया था। कहा था कि उसने दक्षिणी लेबनान में रात भर किए हवाई हमलों में हिजबुल्ला की एलीट राडवान फोर्स के एक कमांडर को मार गिराया। आईडीएफ ने कहा कि मारे गए शख्स की पहचान अली समीर अल-हज हसन के तौर पर हुई है, जो यूनिट में बटालियन कमांडर के पद पर तैनात थे।
इसमें यह भी कहा गया कि नबातिह जिले के अंसार शहर में हिजबुल्ला हेडक्वार्टर में कमांडर को मार गिराया गया; यह हमला "सिक्योरिटी जोन" में काम कर रही इस्राइली सेना के खिलाफ हिजबुल्ला के हमले के जवाब में किया गया था।
इस बीच, लेबनान में यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स (यूएनआईएफआईएल) की प्रवक्ता कैंडिस अर्दील ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में एक इंटरनेशनल मौजूदगी जरूरी बनी हुई है। अर्दील ने बताया कि यूएन सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने विचार के लिए तीन विकल्प रखे हैं।
अर्दील ने कहा कि यूएनआईएफआईएल के शांति सैनिक दक्षिणी लेबनान में मौजूद हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को लागू करने में पार्टियों का समर्थन करते रहेंगे, जो उनके अनुसार दक्षिणी लेबनान में स्थिरता की नींव है।