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West Asia Crisis: अमेरिका-इस्राइल और ईरान के हमलों में हूती की एंट्री, ईरानी मीडिया ने किया बड़ा दावा

Thu, 26 Mar 2026 06:25 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
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हूती - फोटो : एएनआई
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ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच हमलों का दौर अब भी जारी है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस हमले को लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अब तक कोई बात नहीं बनी है। इस बीच अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के खिलाफ हूती विद्रोहियों की एंट्री हो सकती है।  ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोही इस्राइल के खिलाफ जंग में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
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ईरानी मीडिया रिपोर्ट में बिना नाम बताए सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि हूती, जिन्हें यमनी अंसारुल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, बाब अल-मंदाब स्ट्रेट पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं। अक्तूबर 2023 से विद्रोही समूह ने लाल सागर में पहले ही तनाव की स्थिति बना रखी है और गाजा पर इजरायल के हमलों का बदला लेने के लिए सैकड़ों इजरायली ठिकानों पर गोलाबारी की है।

अल-मंदाब स्ट्रेट पर कब्जा करने की तैयारी?
अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार, हूती ने अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिससे दुनिया भर में व्यापार में रुकावट आई है। अमेरिका और दूसरी पश्चिमी नौसेनाएं समुद्र के रास्ते जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही हैं, लेकिन अगर हूती बाब अल-मंदाब स्ट्रेट पर कब्जा करने का फैसला करते हैं, तो इससे उनके विकल्प और कम हो सकते हैं।
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बाब अल-मंदाब स्ट्रेट भूमध्य सागर और अरब सागर के बीच एक जरूरी रास्ता है, जो यूरोप को अफ्रीका और उससे आगे के महासागरों में एशिया से जोड़ता है। इन सबके बीच अमेरिका और ईरान के बातचीत को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, ईरान ने इन दावों खारिज करते हुए यह कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तीसरे पार्टी के जरिए हल्का-फुल्का संदेशों का आदान-प्रदान हुआ।

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मध्यस्थों के माध्यम से ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विभिन्न संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जबकि पिछले महीने के अंत में देश पर अमेरिकी और इस्राइली हमलों की शुरुआत के बाद से तेहरान ने वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की।

अराघची ने कहा, "कुछ दिनों पहले से अमेरिकी पक्ष विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से अलग-अलग संदेश भेज रहा है। जब मित्र देशों के माध्यम से हमें संदेश भेजे जाते हैं और हम जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं या आवश्यक चेतावनी जारी करते हैं तो इसे न तो बातचीत कहा जाता है और न ही संवाद। यह केवल हमारे मित्रों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान है, और हमने अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराया है।"
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इनपुट: आईएएनएस
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