यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार को सऊदी जहाजों को निशाना बनाया। जिससे पश्चिम एशिया के हालात फिर से बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। हूती विद्रोहियों ने बुधवार को लाल सागर में एक सैन्य परिवहन पोत पर हमला किया और सऊदी समर्थित ठिकानों पर भी हमले किए।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी ठिकानों पर किए हमले
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि 'विद्रोही समूह ने मोचा और मारिब क्षेत्रों में सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इस दौरान हथियार डिपो और कमान केंद्रों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले सटीक थे और इनमें सऊदी नागरिकों समेत दर्जनों लोग हताहत हुए।'
हूती लड़ाकों ने कहा है कि वे आगे भी सऊदी अरब की सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाना जारी रखेंगे। सऊदी अरब तनाव बढ़ाकर हमारे देश पर कब्जा करना चाहता है। इससे पहले भी हूति विद्रोहियों ने बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक पोत पर मिसाइल हमला किया था। जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए थे। यमन सरकार ने इस हमले के पीछे हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया था।
यमन की सरकार ने हूतियों से हथियार डालने की अपील की
इस बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल अलीमी ने कहा है कि सरकार हूती विद्रोहियों की कार्रवाई का जवाब देगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे समूह से लड़ाई खत्म करने, हथियार डालने और देश की राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने का आह्वान भी करते हैं।
यमन में युद्ध फिर भड़कने के कगार पर
यमन का युद्ध फिर भड़कने के कगार पर है। हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का एलान कर दिया है। वहीं सऊदी अरब ने भी बीते दिनों यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले किए थे। हूती विद्रोही ईरान समर्थित हैं और उनका सऊदी के साथ विवाद है। ताजा विवाद बीती 13 जुलाई को तब भड़का, जब कुछ हूती नेता ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होकर ईरान से यमन लौट रहे थे। लेकिन यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने उन्हें राजधानी सना के एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी, जिससे दोनों पक्षों में फिर से तनातनी बढ़ गई है।
यमन में अमेरिकी हवाई हमलों में 150 से अधिक नागरिक मारे गए
इसी बीच पीटीआई के हवाले से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में 150 से अधिक नागरिक मारे गए हैं। देश के रक्षा विभाग यानी पेंटागन की समीक्षा रिपोर्ट से आंकड़े सामने आए हैं, जिसे अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया गया है। पीटीआई के मुताबिक हताहत नागरिकों पर वार्षिक रिपोर्ट के हिस्से का आकलन द एसोसिएटेड प्रेस ने किया है।
अब तक कितने नागरिक हताहत?
पेंटागन ने अप्रैल 2025 में हुए तीन हवाई हमलों की समीक्षा की है। अमेरिकी सेना ने ये हमले पश्चिम एशिया में अभियान के दौरान हूती लड़ाकों को निशाना बनाकर किए थे। हूती लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर आए दिन हमले करते हैं। स्वेज नहर और भूमध्य सागर के बीच लाल सागर महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। अमेरिकी हमलों में यमन की राजधानी सना और रास ईसा बंदरगाह को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) के मुताबिक अप्रैल 2025 में कुल 153 नागरिक मारे गए, 243 घायल हुए। सेना ने साफ किया कि हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था।
बंदरगाह पर हमला सबसे घातक
रास ईसा बंदरगाह पर हुआ हमला सबसे घातक था। इसमें 80 लोग मारे गए और 171 अन्य घायल हुए। अल-मसीरा सैटेलाइट समाचार चैनल पर विचलित करने वाले वीडियो फुटेज में बंदरगाह पर शव बिखरे देखे गए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया स्रोतों, इमेजरी और ओपन-सोर्स रिपोर्टिंग से मिली जानकारी के आधार पर हताहतों का आंकड़ा सामने आया है।
क्या पश्चिम एशिया में जंग का नया मोर्चा खुलेगा?
अमेरिकी हमलों के बीच हूती लड़ाके यमन में सरकारी बलों और पड़ोसी सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हमले तेज कर रहे हैं। इस हिंसा से यमन का गृह युद्ध फिर से भड़कने और पश्चिम एशिया में नया मोर्चा खुलने की आशंका है।