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West Asia Crisis: ट्रंप का दावा- ईरान की सैन्य क्षमता खत्म, जल्द होगा युद्ध का अंत; IRGC ने दिया ये जवाब

Tue, 10 Mar 2026 07:33 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

ईरान में चल रहे संघर्ष ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी तेल टैंकरों के लिए बंद कर दिया है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहरा असर पड़ा है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले दो दिनों में ही ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह खत्म कर दी गई। फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इस सैन्य अभियान को बड़ी सफलता बताते हुए संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका आगे भी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का समयसीमा तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन ऑपरेशन जल्द खत्म होने की संभावना है।
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ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उनके अनुसार रडार, टेलीकम्युनिकेशन और सैन्य नेतृत्व की संरचना भी नष्ट कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले दो दिनों में ही ईरान की सैन्य ताकत को खत्म कर दिया गया और यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

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आईआरजीसी ने दिया ये जवाब
ईरान में युद्ध समाप्त करने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर तेहरान ने जवाब देते हुए कहा है कि अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई कब समाप्त होगी, इसका निर्णय वही करेगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र की स्थिति और भविष्य का निर्धारण अब तेहरान की सेनाओं के हाथों में है।

यह घटनाक्रम ट्रंप के उस बयान के जवाब में सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान में संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, "युद्ध का अंत हम ही तय करेंगे।" बयान में आगे कहा गया है, "क्षेत्र के समीकरण और भविष्य की स्थिति अब हमारी सशस्त्र सेनाओं के हाथों में है; अमेरिकी सेनाएं युद्ध समाप्त नहीं करेंगी।"
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मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने से ट्रंप नाखुश
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनाए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश में वही पुरानी समस्याएं जारी रहने की आशंका है। ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी व्लादिमीर पुतिन से बातचीत हुई, जिसे उन्होंने सकारात्मक बताया। ट्रंप के अनुसार पुतिन पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर रचनात्मक भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं।

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