इमाम खुमैनी की 37वीं पुण्यतिथि पर ईरान के सर्वोच्च नेता का संदेश पढ़े गया। इस संदेश के माध्यम से कहा गया है कि हमको ताकत के साथ दुश्मन की साजिश नाकाम करनी होगी।
इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई के नाम से एक संदेश इमाम खुमैनी के 37वें पुण्यतिथि समारोह के दौरान उनके मकबरे पर पढ़ा गया। यह जानकारी तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार है।
तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, संदेश के माध्यम से सर्वोच्च नेता ने कहा, ‘सभी को दृढ़ता, दूरदर्शिता, एकता और आपसी विश्वास को बनाए रखते हुए और शत्रु की बातों का समर्थन न करते हुए शत्रु की साजिश को विफल करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, 'खुर्दाद के चौदहवें दिन के शहीद नेता ने इसे इमाम खुमैनी (आरए) के साथ राष्ट्र की प्रतिज्ञा के लिए एक वार्षिक अवसर में बदल दिया है।' संदेश में ईरान के क्रांतिकारी नेतृत्व के साथ वैचारिक निरंतरता पर और जोर दिया गया। उन्होंने कहा, ' ईरानी राष्ट्र, अपने नए मिशन के साथ, प्रतिरोध मोर्चे के साथ-साथ स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए गौरव का स्रोत बन गया है।'
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इससे पहले, अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निजी तौर पर अपने सहयोगियों से कहा है कि अगर तेहरान अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार होता है तो वह ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त करने पर विचार करेंगे ।
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जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजनयिक गतिरोध ईरान के इस जिद से उपजा है कि समझौते के पहले ही चरण में अरबों डॉलर की फ्रीज की गई संपत्तियों में से नकदी जारी की जाए। भू-राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने के उद्देश्य से किए गए गहन गुप्त कूटनीति प्रयासों के बावजूद यह गतिरोध उत्पन्न हुआ है। घटनाक्रम से परिचित दो सूत्रों ने जेरूसलम पोस्ट को बताया कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने हाल के दिनों में इस विवादास्पद मुद्दे पर समझौता कराने का प्रयास किया है।