डेमोक्रेट नेता जो बाइडन ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद पहली बार की औपचारिक प्रेस वार्ता में चीन और लोकतंत्र समेत देश के मौजूदा हालात पर विस्तार से अपना दृष्टिकोण रखा। उन्होंने इस दौरान नियमों का पालन करने के लिए चीन को जवाबदेह ठहराने के अलावा रिपब्लिकन नेता और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी चुनौती दी कि 2024 में उनके फिर चुनाव लड़ने की संभावना है।
जो बाइडन ने चीन, रूस और विश्व स्तर पर हो रहे बदलाव को अमेरिका के लिए चुनौती बताते हुए कहा है कि बीजिंग सबसे बड़ी चुनौती हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चीन पर टैरिफ या बंधुआ मजदूरी से तैयार हुए माल पर प्रतिबंध जारी रखेंगे? तो उन्होंने कहा, सवाल एकदम वैध है लेकिन चीन के साथ अमेरिकी रिश्ते बेहद कम क्षेत्र तक ही रह गए हैं। उन्होंने कहा, केवल चीन ही नहीं, दुनिया भर में देखें। यहां 21वीं सदी में लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच जंग है। हमें साबित करना होगा कि लोकतंत्र काम करता है। बाइडन ने क्वाड देशों के नेताओं के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि हम अपने साझेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर नियमों का पालन करने के लिए चीन को जवाबदेह ठहराने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, वे जल्द ही ‘भविष्य पर चर्चा’ के लिए लोकतांत्रिक देशों के गठबंधन को अमेरिका बुलाएंगे।
शी जिनपिंग में लोकतांत्रिक हड्डी नहीं, वह बेहद होशियार शख्स हैं
बाइडन ने कहा कि चीन का लक्ष्य दुनिया का सबसे अग्रणी, सर्वाधिक अमीर और विश्व में ताकतवर देश बनने का है। लेकिन मेरे नेतृत्व में अमेरिका लगातार विस्तार करता रहेगा। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से दो घंटे हुई फोन वार्ता के बारे में बताया कि मैंने उन्हें स्पष्ट किया है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद हम टकराव नहीं चाहते हैं। मैंने उनसे यह भी कहा कि चीन को वैश्विक नियम मानने होंगे। बाइडन ने कहा, मुझे लगता है कि शी जिनपिंग में के शरीर में लोकतांत्रिक हड्डी नहीं है, लेकिन वह एक बेहद होशियार इनसान हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका उइगर मुस्लिमों के बारे में बोलने से पीछे नहीं हटेगा।
एक मई तक अफगानिस्तान से नहीं लौटेगी अमेरिकी सेना
राष्ट्रपति बाइडन ने एक मई तक अफगानिस्तान से सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी की संभावना को खारिज कर दिया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान से हुए शांति समझौते के तहत यह समय सीमा तय की थी लेकिन बाइडन ने कहा, एक मई की समय सीमा में काम खत्म नहीं होगा, इसलिए सैनिकों को वहां से बाहर निकालना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, यदि हम वहां से सैनिकों को वापस लाएंगे तो, इसे सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से करेंगे। इस मामले में सहयोगियों और साझेदारों से परामर्श जारी है।
पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहा उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया ने जहां शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की है कि उसने हाल ही में पूर्वी सागर में बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है, वहीं जो बाइडन ने कहा कि मैं किसी भी प्रकार की कूटनीति के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा, उनका प्रशासन इस बारे में अपने सहयोगियों से परामर्श ले रहा है। इस बीच, बाइडन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का सीधे तौर पर उल्लंघन है। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और विश्व बिरादरी में गलत संदेश जाएगा।