केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और 27 देशों का यूरोपीय संघ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत को अंतिम रूप देने के 'बहुत करीब' हैं, और अब केवल कुछ मुद्दों को सुलझाना बाकी है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) दोनों एक-दूसरे की संवेदनशीलता का सम्मान करने के लिए सहमत हुए हैं, ताकि वे समझौतों को बाधित न होने दें।
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जून 2022 में भारत और ईयू में फिर से शुरू की बातचीत
स्विटजरलैंड के बर्न में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा, 'मुझे लगता है कि यूरोपीय संघ के मामले में हम वास्तव में बहुत करीब हैं। मुझे लगता है कि हम यूरोपीय संघ के साथ एक बहुत अच्छे, मजबूत मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं, जो कि ज्यादातर लोगों की कल्पना से भी ज्यादा तेजी से संभव है।' बता दें कि, जून 2022 में, भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ समूह ने आठ साल से अधिक के अंतराल के बाद एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते, एक निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेतों (जीआई) पर एक समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू की। इससे पहले मतभेदों के कारण 2013 में ये वार्ता रुक गई थी। 28 फरवरी को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने इस वर्ष के अंत तक बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लगाने पर सहमति व्यक्त की।
भारत-ईयू एफटीएन में क्या शामिल?
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते की वार्ता में 23 नीतिगत क्षेत्र या अध्याय शामिल हैं, जिनमें वस्तुओं का व्यापार, सेवाओं का व्यापार, निवेश, स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, व्यापार उपाय, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, प्रतिस्पर्धा, व्यापार रक्षा, सरकारी खरीद, विवाद निपटान, बौद्धिक संपदा अधिकार, भौगोलिक संकेत और सतत विकास शामिल हैं।
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2023-24 में यूरोपीय संघ के साथ वस्तुओं में भारत का द्विपक्षीय व्यापार 137.41 बिलियन अमेरिकी डॉलर (75.92 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 61.48 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात) था, जिससे यह वस्तुओं के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया। भारत के कुल निर्यात में यूरोपीय संघ का हिस्सा लगभग 17 प्रतिशत है, जबकि भारत को यूरोपीय संघ का निर्यात उसके कुल विदेशी शिपमेंट का 9 प्रतिशत है। इसके अलावा, 2023 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 51.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।