300 पन्नों की एक रिपोर्ट में वकील जॉन डरहम ने कहा कि एजेंसी की जांच में विश्लेषणात्मक कठोरता का अभाव था। उन्होंने जांच शुरू करने से पहले निष्कर्ष निकाला कि एफबीआई के पास डोनाल्ड ट्रंप के अभियान और रूस के बीच मिलीभगत का वास्तविक सबूत नहीं था।
विशेष वकील जॉन डरहम ने सोमवार को 2016 के चुनाव के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अभियान और रूस संबंधों की जांच की अपनी बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट जारी की। डरहम ने ट्रंप-रूस जांच के लिए एफबीआई की आलोचना की।
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300 पन्नों की एक रिपोर्ट में वकील जॉन डरहम ने कहा कि एजेंसी की जांच में विश्लेषणात्मक कठोरता का अभाव था। उन्होंने जांच शुरू करने से पहले निष्कर्ष निकाला कि एफबीआई के पास डोनाल्ड ट्रंप के अभियान और रूस से मिलीभगत का वास्तविक सबूत नहीं था। एफबीआई ने कहा कि उसने रिपोर्ट में उजागर किए गए मुद्दों को संबोधित किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एफबीआई ने क्रॉसफायर हरिकेन जांच शुरू करने के लिए कच्ची अविश्लेषित और अपुष्ट खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया।
ट्रंप अभियान और रूस ने मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की साजिश साफ नहीं
ट्रंप अभियान और रूस के बीच कथित संबंधों की एफबीआई जांच जिसे विशेष वकील रॉबर्ट मुलर द्वारा किया गया था। उन्होंने कंप्यूटर हैकिंग और वित्तीय अपराधों सहित अपराधों के लिए ट्रंप अभियान के कर्मचारियों और सहयोगियों के खिलाफ दर्जनों आपराधिक आरोप लगाए। हालांकि, यह नहीं पाया गया कि ट्रंप अभियान और रूस ने मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रची थी। ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ मंच पर दावा किया कि यह रिपोर्ट सदी का अपराध दिखाती है और उन्होंने रूसी जांच को डेमोक्रेट छल बताया। उन्होंने रिपोर्ट के निष्कर्ष का हवाला दिया कि एफबीआई द्वारा पूरी जांच की गारंटी देने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। ट्रंप ने लंबे समय से दावा किया है कि डीप स्टेट के सदस्य उन्हें गलत तरीके से निशाना बना रहे हैं।