अमेरिकी वायु सेना प्रशांत क्षेत्र के टिनियन हवाई क्षेत्र को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। इसी जगह से अमेरिका ने जापान पर परमाणु हमले की शुरुआत की थी। प्रशांत वायु सेना के कमांडर जनरल केनेथ विल्सबैक ने एक जापानी मैग्जीन को दिए साक्षात्कार में बताया कि टिनियन द्वीप के उत्तरी एयरफील्ड पर वायु सेना का लंबा-चौड़ा बेस बनाया जाएगा।
इस जगह को 1946 में अमेरिकी एयर फोर्स यूनिट ने बंद कर दिया था, इसलिए ये जगह अब जंगल में तब्दील हो गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका चीन के साथ दुश्मनी की किसी भी स्थिति में अपने विकल्पों को पहले से और ज्यादा व्यापक बनाने की कोशिश कर रहा है ।
39 वर्ग मील में फैले टिनियन द्वीप पर रहते हैं 3 हजार लोग
टिनियन द्वीप उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के कॉमनवेल्थ का हिस्सा है। 39 वर्ग मील में फैले इस द्वीप पर केवल 3 हजार लोग रहते हैं। यह प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी इलाका है। ये जगह हवाई द्वीप से तकरीबन 6 हजार किलोमीटर पश्चिम में है। टिनियन द्वीप से सटा हुआ सईपन और गुआम द्वीप भी है।
यहां भी अमेरिका का कब्जा है। ये तीनों द्वीप अमेरिका के सैन्य इतिहास में काफी महत्व रखते हैं। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने इन तीनों द्वीपों को जापान से छीन लिया था और इस जगह से ही जापान पर परमाणु बम गिराया गया था।
द्वीप से चीन पर सीधे नजर रखी जा सकती है
टिनियन द्वीप से चीन पर सीधे नजर रखी जा सकती है। यहां से चीन की दूरी 4700 किमी दूर है। चीन ने कई बार अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के टिनियन द्वीप पर मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहा जो चीन की संप्रभुता के लिए खतरा है।