पूरी दुनिया अभी कोरोना महामारी व उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से जूझ ही रही है और एक और डराने वाली चेतावनी सामने आई है। कोरोना रोधी ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बनाने वाली वैज्ञानिकों में शामिल रहीं सारा गिल्बर्ट ने आशंका जताई है कि भविष्य में कोरोना वायरस से भी ज्यादा घातक महामारियां सामने आ सकती हैं।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय लंदन में वैक्सीनोलॉजी की प्रोफेसर गिल्बर्ट ने कहा कि दुनिया को अगले वायरस से निपटने के लिए बेहतर तरीके से खुद को तैयार करना चाहिए। उन्हेंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी से दुनिया ने जो सबक लिए हैं, उन्हें बर्बाद नहीं करना चाहिए। विश्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह अगले वायरल हमले के लिए तैयार है।
रिचर्ड डिंबलबी व्याख्यान में गिल्बर्ट ने कहा कि सच्चाई यह है कि अगली महामारी कोरोना से भी बदतर हो सकती है। यह अधिक संक्रामक या अधिक घातक या दोनों हो सकती है। यह आखिरी बार नहीं होगा जब कोई वायरस हमारे जीवन और हमारी आजीविका के लिए खतरा बनेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस का पहला मामला 2019 के अंत में चीन में पाया गया था। उसके बाद देखते देखते यह पूरी दुनिया में फैल गया। इसके बाद इस संक्रामक वायरस के खिलाफ टीके बनाए गए। सारा गिल्बर्ट ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में ऐसे म्यूटेशन होते हैं जो वायरस की संक्रामकता बढ़ाते हैं। हालांकि वैक्सीन संक्रमण को कम करने में मददगार हैं।
कोरोना से अब तक 52 लाख मौतें
कोरोना वायरस से विश्व में अब तक 52,73,310 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके चलते लॉकडाउन व अन्य कदमों के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था को खरबों डॉलर का नुकसान हो चुका है। करोड़ों लोगों का जीवन संकट में पड़ गया। सबसे अधिक प्रभावित देशों में अमेरिका, भारत, ब्राजील, ब्रिटेन, रूस, तुर्की और फ्रांस शामिल हैं। इसका नया वैरिएंट ओमिक्रॉन अब तक भारत समेत 30 से ज्यादा देशों में मिल चुका है।