कनाडा और भारत के रिश्तों में एक बार फिर गर्मजोशी लौटती नजर आ रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की हालिया भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को पूरी तरह से रीसेट करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा दौरे के दौरान कही।
मार्क कार्नी की भारत यात्रा को लेकर क्या बोले?
ओटावा में कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से मुलाकात के बाद गोयल ने कहा कि दोनों देश अब नए एजेंडे और नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्क कार्नी की फरवरी में हुई भारत यात्रा ने दोनों देशों के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया और रिश्तों में नई शुरुआत की राह खोल दी।
भारत-कनाडा के संबंध क्यों तनावपूर्ण हो गए थे?
भारत और कनाडा के बीच संबंध 2023 में उस समय तनावपूर्ण हो गए थे, जब कनाडा में खालिस्तानी समर्थक सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने भारत पर आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए कनाडा पर खालिस्तानी चरमपंथियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।
एफटीए को लेकर क्या बोले गोयल?
अब दोनों देश व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा इस साल मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच 2010 से व्यापार वार्ता चल रही है, लेकिन 2023 में तनाव के कारण बातचीत रुक गई थी। गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने व CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) को जल्द पूरा करने पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
भारत के इस दौरे में खनन, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस क्षेत्रों से जुड़े 100 से अधिक वरिष्ठ कारोबारी प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इसे कनाडा के लिए भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बताया जा रहा है।
एफटीए पर तेजी से बातचीत चल रही- कार्नी
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर तेजी से बातचीत चल रही है, जो कनाडाई कारोबार और कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। कार्नी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशों ने अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और ऊर्जा, कृषि-खाद्य, तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत जैसा बड़ा बाजार कनाडा के लिए नई संभावनाएं खोलेगा और दोनों देश आर्थिक साझेदारी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध का लक्ष्य
मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए, जिनमें भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए करीब 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति का 2.6 अरब कनाडाई डॉलर का बड़ा समझौता भी शामिल है।
दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। कनाडा का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में नई दिल्ली आया था, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी आगे की बातचीत के लिए इस साल फिर कनाडा जाएगा।
ओटावा में अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विदेश मंत्री अनिता आनंद से भी मुलाकात की। इसके अलावा वे कई बड़ी कंपनियों, स्टार्टअप्स और पेंशन फंड्स के प्रमुखों से भी चर्चा करेंगे।
अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए बने नए साझेदार
एशिया पैसिफिक फाउंडेशन ऑफ कनाडा की रिसर्च एवं स्ट्रैटेजी उपाध्यक्ष वीना नादजीबुल्ला का कहना है कि भारत और कनाडा दोनों ही अब अमेरिका पर निर्भरता कम करने और नए साझेदारों के साथ रिश्ते मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हाल के महीनों में भारत ने यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड के साथ भी कई अहम व्यापारिक समझौते किए हैं, जिससे साफ है कि भारत वैश्विक स्तर पर अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को तेजी से विस्तार दे रहा है।