राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सत्ता से हटाने की कसम खाकर मॉस्को की तरफ निकले प्राइवेट आर्मी वैगनर के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन के तेवर ढीले पड़ गए। उन्होंने सरकार के साथ समझौता कर लिया। वैगनर लड़ाके रूस के लिपेत्स्क क्षेत्र में घुस आए थे, अब उन्होंने इस क्षेत्र को छोड़ दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लिपेत्स्क क्षेत्र में शनिवार को तैनात की गई वैगनर इकाइयां अब क्षेत्र छोड़ चुकी हैं।
अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने मध्यस्थता कर बचा लिया नरसंहार
इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने मध्यस्थता की और उन्होंने नरसंहार होने से बचा लिया। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि येवगेनी प्रिगोझिन ने बेलारूस के राष्ट्रपति की बात मानी और अपने कदम वापस खींच लिए। इस समझौते के कारण रूस में तख्तापलट को लेकर विद्रोह जितना तेजी से पैदा हुआ था वह उतना ही तेजी से खत्म हो गया।
24 जून एक काफी कठिन दिन था- रूस
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आप पूछेंगे राष्ट्रपति लुकाशेंको ने मामले की मध्यस्थता क्यों तो इसका यह जवाब है बेलारूस के राष्ट्रपति ने स्वेच्छा से काम किया क्योंकि वह प्रिगोझिन से लगभग 20 वर्षों से परिचित हैं। यह उनकी व्यक्तिगत पहल थी। उन्होंने कहा कि 24 जून एक काफी कठिन दिन था, सचमुच काफी दुखद घटनाओं से भरा हुआ था।
विद्रोह गृह युद्ध में बदल सकता था
रूस पर नजर रखने वाले जानकार लोगों के अनुसार, अगर प्रिगोझिन को समय रहते नहीं रोका जाता तो विद्रोह गृह युद्ध में बदल सकता था। पुतिन को अब सत्ता में आने के बाद अपनी सबसे गंभीर चुनौती से निपटना होगा। रूस में जो कुछ भी हुआ है उसे देख कर यूक्रेन जरूर खुश हुआ होगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन पर तंज सकते हुए कहा है कि जो कोई भी बुराई का रास्ता चुनता है वह खुद को नष्ट कर लेता है।
अमेरिका ने कसा तंज
अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा है कि 24 घंटे तक चले रूस संकट से व्लादिमीर पुतिन के अधिकार में वास्तविक दरारें का पता है।