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'कनाडा के खिलाफ वोट देना खतरनाक फैसला': अल्बर्टा में अलगाव की मांग पर बोले पीएम कार्नी, अमेरिका को दी चेतावनी

सार

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के लोगों से अलगाव की प्रक्रिया शुरू न करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी। अल्बर्टा में सोमवार को होने वाला मतदान भविष्य में अलगाव पर जनमत संग्रह का रास्ता खोल सकता है।
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मार्क कार्नी, कनाडा के प्रधानमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा 'अमेरिका कनाडा को तोड़ने की कोशिश कर रहा है ताकि वह हम पर अपना कब्जा कर सके। उन्होंने तेल से समृद्ध अल्बर्टा प्रांत से आग्रह किया कि वे सोमवार को होने वाले जनमत संग्रह में अलग होने की प्रक्रिया शुरू न करें।'
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सोमवार का मतदान सीधे तौर पर आजादी के लिए कोई जनमत संग्रह नहीं है। अल्बर्टा, जहां दुनिया के चौथे सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार मौजूद हैं, यह तय करेगा कि वह एक प्रांत बना रहे या सरकार को अलग होने के लिए भविष्य में होने वाले जनमत संग्रह की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे।

कार्नी ने क्या कहा? 
कैलगरी में कनाडा-समर्थक रैली को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा, 'यह जनमत संग्रह सबसे बुरे समय पर हो रहा है। दुनिया और अधिक खतरनाक और बंटी हुई हो गई है। हमारी सीमाओं के बाहर कुछ लोग हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे हम पर अपना नियंत्रण कर सकें।'
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'गलतफहमी में न रहें'
कार्नी ने कहा, 'इस गलतफहमी में न रहें कि आप अपने वोट के जरिए कोई 'संदेश' भेज सकते हैं। यह कोई पोकर का खेल नहीं है। कनाडा के खिलाफ वोट देना एक खतरनाक दांव है, जिसके कारण आने वाले कई वर्षों तक गहरा बंटवारा और भारी अनिश्चितता पैदा हो सकती है।'

अल्बर्टा में पले-बढ़े कार्नी ने गुरुवार का दिन कैलगरी में प्रचार करते हुए बिताया और फिर बीएमओ सेंटर में 'फॉरएवर कैनेडियन' रैली को संबोधित किया। आयोजकों ने शुक्रवार को एडमंटन में भी कार्नी के साथ एक और रैली आयोजित की थी।

अल्बर्टा ने दशकों तक संघर्ष किया
एक लिबरल प्रधानमंत्री के लिए यह माहौल काफी अलग है। अल्बर्टा ने ओटावा की लिबरल सरकारों के साथ दशकों तक संघर्ष किया है, खासकर ऊर्जा और संघीय शक्तियों के मुद्दों पर। लेकिन कार्नी ने अपने पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो की कुछ नीतियों से अलग रास्ता अपनाया है। उन्होंने प्रशांत महासागर की ओर जाने वाली एक नई प्रस्तावित तेल पाइपलाइन के काम को तेज कर दिया है और कनाडा को 'ऊर्जा महाशक्ति'  करार दिया है।

कार्नी ने 'पैसिफिक लिंक' पाइपलाइन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह बदले हुए रिश्तों का सबूत है। उन्होंने बताया कि इससे 140,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी, अमेरिका पर कनाडा की निर्भरता कम होगी और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए राजस्व (रेवेन्यू) जुटाने में मदद मिलेगी। 
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