ड्रोन रक्षा में यूक्रेन का खास अनुभव
देखा जाए तो रूस के लगातार ड्रोन हमलों का सामना करते-करते यूक्रेन ने सस्ती लेकिन प्रभावी ड्रोन रोधी तकनीक विकसित कर ली है। यूक्रेनी विशेषज्ञों ने ऐसे इंटरसेप्टर ड्रोन बनाए हैं जो लगभग 1,000 डॉलर की लागत में दुश्मन ड्रोन को ढूंढकर नष्ट कर सकते हैं। इस नई तकनीक ने हवाई सुरक्षा की पारंपरिक व्यवस्था को बदल दिया है और कई देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पिछले साल सितंबर में पोलैंड को भी सस्ते ड्रोन से खतरा महसूस हुआ था।
इसके बाद उसने महंगे लड़ाकू विमान जैसे एफ-35 लाइटनिंग II और एफ-16 फाइटिंग फाल्कन को उड़ान भरने के लिए तैयार कर दिया था। अब इसमें तो कोई दोहराई नहीं यूक्रेन का तेजी से बढ़ता ड्रोन उद्योग अब इतनी क्षमता हासिल कर चुका है कि वह इन प्रणालियों का निर्यात भी कर सकता है। यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने भी कहा कि यूरोप और खाड़ी देशों की बैठक में यह चर्चा हुई कि यूक्रेन का अनुभव ईरानी ड्रोन से बचाव में कैसे मदद कर सकता है।
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पश्चिम एशिया युद्ध से रूस-यूक्रेन वार्ता प्रभावित
ईरान से जुड़ा नया युद्ध अब अपने सातवें दिन में पहुंच गया है। इस संघर्ष की वजह से दुनिया का ध्यान यूरोप के सबसे बड़े युद्ध यानी रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध से भटकता हुआ दिख रहा है। इस पर जेलेंस्की ने कहा कि इस स्थिति के कारण अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली रूस-यूक्रेन वार्ता का नया दौर फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा और राजनीतिक हालात बेहतर होंगे तब बातचीत फिर शुरू की जाएगी।
अब समझिए रूस और यूक्रेन संघर्ष का हाल
इस बीच अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली भी हुई है। दोनों देशों ने करीब 200-200 युद्ध बंदियों को रिहा किया। रूसी वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने बताया कि दो दिनों में कुल 500-500 कैदियों की अदला-बदली की जाएगी। यूक्रेन की संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख ऑलेक्जेंडर मेरेज्को का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बातचीत को लंबा खींचना चाहते हैं। ताकि युद्ध जारी रखते हुए अमेरिका के नए प्रतिबंधों से बचा जा सके। हालांकि यूक्रेनी सेना ने हाल के हफ्तों में मोर्चे के कुछ इलाकों में रूसी सेना को पीछे धकेला है। इतना नहीं एक रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन ने इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 257 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है।