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ब्लॉगर मामला: पुतिन से पूछा, क्या वह विमान को हाईजैक करने देते? दिया ये जबाव

Sat, 05 Jun 2021 03:23 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

बेलारूस द्वारा जंगी जहाज का उपयोग कर यात्री विमान से उतारे गए ब्लॉगर रोमन प्रोटासविक और उसकी गर्लफ्रेंड का मामला अभी विवादों में है।
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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : Social media
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विस्तार
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इसे लेकर रूस के राष्ट्रपति पुतिन से इस घटना से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने ऐसा जबाव दिया कि वहां बैठे सब लोग ठहाके लगाने लगे। 

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सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में पत्रकार स्टास नटनजोन ने रूसी राष्ट्रपति से सवाल किया कि रूस के पास वांछित अपराधियों की अपनी सूची है और लंदन से थाईलैंड जाने वाला विमान रूस के ऊपर से उड़ान भरता है तो क्या रूस विमान उतारता? पुतिन ने थोड़ा सोचकर जवाब दिया- मैं नहीं कहता। इस पर वहां बैठे लोग ठहाका मार कर हंसने लगे।

इस दौरान पुतिन से पूछा गया कि क्या रूस ने ग्रीस के एथेंस से लिथुआनिया के विलिनियस शहर जा रहे रेयानएयर के यात्री विमान को जबरन मिंस्क एयरपोर्ट पर लैंड करने में कोई भूमिका निभाई थी तो पुतिन ने कहा 'बिल्कुल नहीं'।
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राष्ट्रपति पुतिन ने वहां बैठे दर्शकों ने कहा कि ये रोमन प्रोटासविक कौन हैं मुझे नहीं पता और मैं जानना भी नहीं चाहता। लेकिन एलक्जेंडर लुकाशेंको के शासन से लड़ने के लिए उसे जो कुछ भी करना है उसे करने दें।

बता दें कि ब्रिटिश एयरवेज और थाई एयरवेज दो एयरलाइन हैं जो आम तौर पर लंदन और थाईलैंड के बीच सीधी उड़ान भरती हैं, जो रूसी हवाई क्षेत्र को पार करती हैं। रूसी अधिकारियों के मुताबिक पुतिन के कई धनी शत्रु ब्रिटेन में निर्वासित हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए रूसी राष्ट्रपति से सवाल पूछा गया था।

आपको बता दें कि पिछले महीने बेलारूस के राष्ट्रपति एलक्जेंडर लुकाशेंको ने ग्रीस के एथेंस से लिथुआनिया के विलिनियस शहर जा रहे रेयानएयर के यात्री विमान को अपने लड़ाकू विमान के जरिये जबरन मिंस्क एयरपोर्ट पर लैंड करने के लिए मजबूर कर दिया था।

बेलारूस के पुलिस अधिकारियों ने विमान में सवार लुकाशेंको के विरोधी कार्यकर्ता व ब्लॉगर रोमन प्रोटासविक (26) को गिरफ्तार कर लिया। प्रोटासविक पिछले साल बेलारूस के राष्ट्रपति चुनाव में लुकाशेंको के विजयी घोषित होने के बाद सड़कों पर किए गए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के आरोप में वांछित था।

इस हरकत के लिए बेलारूसी राष्ट्रपति की वैश्विक स्तर पर आलोचना शुरू हो गई है। यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य लिथुआनिया के राष्ट्रपति गीतानस नौसेदा ने ईयू और नाटो से इस हरकत का जवाब देने की गुहार लगाई है, जिसके बाद जर्मनी ने बेलारूस से तत्काल स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
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पोलैंड के प्रधानमंत्री ने इसे निंदात्मक सरकारी आतंकवादी कार्रवाई करार दिया है। यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लियन ने कहा कि बेलारूस की कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है।

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