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Russia Ukraine: यूक्रेनी हमलों से बौखलाए पुतिन, बाइडन बोले- रूस के कब्जे वाले शहरों को नहीं देंगे मान्यता

Wed, 05 Oct 2022 03:31 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन/मॉस्को।

सार

रूसी-यूक्रेन सीमा एक काफिले की तस्वीरें सामने आई हैं, संदेह है कि रूसी ट्रकों में एटमी हथियार लादकर एक काफिला बढ़ रहा है। अमेरिका इसे यूक्रेन के कुछ हिस्सों को निर्जन बनाने की धमकी मान रहा है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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यूक्रेन में लगातार मात खाने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब परमाणु विकल्प के बारे में अमेरिका के वर्षों पुराने निष्कर्षों पर विचार कर रहे हैं। लेकिन छोटे एटमी हथियारों का इस्तेमाल कठिन है। फिर भी रूस के एक काफिले की तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें पुतिन पश्चिमी देशों के संदेश देने के लिए एटमी परीक्षण की तैयारी करते दिख रहे हैं। उधर, आर्कटिक से चली रूसी शक्तिशाली परमाणु पनडुब्बी भी रास्ते से गायब हो गई है।

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राष्ट्रपति बाइडन ने की यूक्रेन को आर्थिक पैकेज की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की। राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन को सैन्य सहायता को लेकर 625 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की। 

जो बाइडन ने जेलेंस्की से कहा कि यूक्रेन के क्षेत्र पर जो रूस द्वारा कब्जा किया गया है उसको अमेरिका कभी भी मान्यता नहीं देगा। साथ ही यूक्रेन को समर्थन देने का संकल्प लिया।
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एटमी हथियार लादकर एक काफिला बढ़ रहा
बहरहाल, रूसी-यूक्रेन सीमा एक काफिले की तस्वीरें सामने आई हैं, संदेह है कि रूसी ट्रकों में एटमी हथियार लादकर एक काफिला बढ़ रहा है। अमेरिका इसे यूक्रेन के कुछ हिस्सों को निर्जन बनाने की धमकी मान रहा है। ये तोपखाने तोपों से आधा टन का गोला दाग सकते हैं जिसका लक्ष्य यूक्रेनी सैन्य अड्डा या छोटा शहर हो सकता है।

इससे विनाश और विकिरण होगा। रूस में रक्षा मंत्रालय के 12वें मुख्य निदेशालय से जुड़ी एक ट्रेन को भी यूक्रेनी युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए देखा गया। इस ट्रेन को रूस का गुप्त परमाणु प्रभाग संचालित करता है। मालगाड़ी पर बड़े बड़े ट्रक लदे हैं जिनमें एटमी हथियारों के भंडारण की सुविधा है। उधर, आर्कटिक से निकली एटमी पनडुब्बी अब गायब है। वह काला सागर में पोसायडन (परमाणु ड्रोन) एटमी परीक्षण कर सकती है।

सुनामी ला सकता है गायब पनडुब्बी का ड्रोन
रूस की ताकतवर बेलगोरोद नामक एटमी पनडुब्बी के आर्कटिक क्षेत्र से रवाना होने के बाद गायब होने को लेकर अमेरिका व पश्चिमी देश चिंतित हैं। इसमें पोसायडन नामक ड्रोन है जो पानी में कई किमी तक सफर करके 1,600 फुट तक की एटमी सुनामी ला सकता है। यह किसी भी शहर को डुबो भी सकता है और विकिरण भी पैदा कर सकता है। माना जा रहा है कि अपनी हार से बौखलाए रूसी राष्ट्रपति काला सागर में इसका परीक्षण करा सकते हैं।

कीव पर परमाणु हमले की आशंका से बचाव केंद्रों की तैयारी
यूक्रेन में कीव की नगर परिषद ने कहा कि वह राजधानी पर परमाणु हमले की आशंका के मद्देनजर बचाव केंद्र तैयार कर रही है। यहां पोटेशियम आयोडीन की गोलियां उपलब्ध होंगी। परमाणु विकिरण के संपर्क में आने से पहले या फौरन बाद पोटेशियम आयोडीन की गोली का सेवन किया जाए तो यह थायराइड ग्रंथि द्वारा हानिकारक विकिरण के अवशोषण को रोकने में मदद कर सकती है। इन केंद्रों पर गोलियों का वितरण किया जाएगा।

रूसी उच्च सदन में 4 यूक्रेनी क्षेत्रों के विलय से जुड़ी संधियां मंजूर
रूसी संसद के निचले सदन (डूमा) के बाद उच्च सदन ‘फेडरेशन काउंसिल’ ने भी चार यूक्रेनी क्षेत्रों के रूस में विलय से जुड़ी संधियों को मंजूरी दे दी है। उसने मंगलवार को पूर्वी दोनेस्क, लुहांस्क और दक्षिणी खेरसॉन व जपोरिझिया क्षेत्रों को रूसी हिस्सा बनाने से जुड़ी संधियों को मंजूरी के लिए मतदान किया। पिछले सप्ताह जनमत संग्रह के बाद इन क्षेत्रों के विलय पर मुहर लगाई गई थी। जबकि यूक्रेन व पश्चिमी देशों ने इसे खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति पुतिन भी जल्द इन्हें मंजूरी दे देंगे।

लायमन की सड़कों पर रूसी सैनिकों के शव
रूसी सैनिकों के शव पूर्वी यूक्रेन के प्रमुख शहर लायमन में सड़कों पर पड़े दिखाई दिए। यूक्रेनी बलों द्वारा घेरे जाने के डर से रूसी सैनिक शहर से बाहर आ गए थे। इससे यूक्रेन की कार्रवाई को बल मिला। यूक्रेनी सेना ने लायमन युद्ध के बाद अपने सैनिकों के शव वहां से हटा दिए लेकिन रूसी सैनिकों के शव तत्काल नहीं हटाए गए। इस बीच, लायमन के निवासी भी लड़ाई थमने के बाद बाहर निकले। यहां मई से पानी, बिजली और गैस सेवाएं ठप हैं।

जापान ने रूसी राजनयिक को छह दिन में देश छोड़ने का दिया हुक्म
जापान ने मंगलवार को हुक्म जारी किया कि उसके उत्तरी शहर स्पोरो में स्थित रूसी राजनयिक छह दिन में देश छोड़ दे। जापानी विदेश मंत्री योशीमासा हायाशी ने बताया कि उनके मंत्रालय ने रूसी राजनयिक को अवांछित व्यक्ति करार देकर सोमवार तक देश छोड़ने को कहा है।

उन्होंने राजनयिक का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि यह रूस की ओर से उठाए गए ऐसे ही कदम का जवाब है। उपविदेश मंत्री टाकिओ मोरी ने रूसी राजदूत मिखाइल गालुजिन को तलब कर यह जानकारी दी। पिछले माह रूस ने जापानी राजनयिक तातसुनोरी मोटोकी को जासूसी के आरोप लगाकर निष्कासित कर दिया था।

जापानी अधिकारियों ने कहा, मोटोकी को आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया। बंधक बनाकर रखने के दौरान उनसे जासूसी के आरोपों के संबंध में पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें 48 घंटे में रूस छोड़ने को कहा गया। जापान ने जासूसी के आरोपों से इनकार करते हुए मोटोकी के साथ हुए व्यवहार को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। 

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रूस के कच्चे तेल पर प्रतिबंध से पहले रिफाइनरी कर रही हैं डील
भारतीय रिफाइनरी कच्चे तेल के सौदे को पूरा करने के लिए जोरों से कोशिश कर रही हैं। ऐसी आशंका है कि यूरोपीय संघ सहित पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। इससे भविष्य में तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। उद्योग सूत्रों ने कहा कि देश की शीर्ष रिफाइनरी इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम अमेरिका सहित कई देशों के साथ टर्म डील की मांग की हैं।

रिफाइनरी के एक अधिकारी ने कहा कि हम एक बैकअप योजना की तैयारी में हैं। रूस और यूक्रेन युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है इससे अनिश्चितता बरकरार रह सकती है।  एक रिफाइनरी के अधिकारी ने कहा कि हम इसकी तैयारी कर रहे हैं। चीन के बाद रूस भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना है। 5 दिसंबर से रूसी कच्चे तेल के आयात पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध की तैयारी से यूरोपीय रिफाइनरी मध्य पूर्व से तेल खरीद सकती हैं। 
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