रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवाल्नी का इलाज कर रहे रूसी चिकित्सकों ने कहा है कि उन्हें जहर दिए जाने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। नवाल्नी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक हैं। ओमस्क अस्पताल में उप प्रमुख चिकित्सक अंतोली कलीनीशेंको ने कहा कि नवाल्नी के शरीर में जहर की मौजूदगी का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
कलीनीशेंको ने शुक्रवार को कहा, ‘हम यह नहीं मानते हैं कि मरीज को जहर दिया गया था।’ उन्होंने कहा कि जांच के नतीजों से नवाल्नी के परिवार के सदस्यों को अवगत करा दिया गया है। नवाल्नी की प्रवक्ता किरा यारमीश ने कलीनीशेंको के बयान का एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया। इससे पहले यारमीश ने दावा किया था कि उन्हें जहर दिया गया है।
नवाल्नी को बर्लिन के अस्पताल ले जाने की इजाजत नहीं
नवाल्नी के करीब सहयोगी लियोनिड वोल्कोव ने बर्लिन में कहा कि नूरेमबर्ग से आए जर्मन चिकित्सकों को नवाल्नी के पास जाने की इजाजत दे दी गई। पहले उन्हें मरीज के पास जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था। वोल्कोव ने कहा कि उनकी टीम ने नवाल्नी को बर्लिन के एक अस्पताल लाए जाने की व्यवस्था की थी। लेकिन, रूसी चिकित्सकों ने इसकी इजाजत देने से इनकार करते हुए कहा कि वह यात्रा नहीं कर पाएंगे।
इससे पहले, शुक्रवार को नवाल्नी के सहयोगी इवान झदानोव ने कहा कि पुलिस ने नवाल्नी के शरीर में एक खतरनाक जहरीले पदार्थ का साक्ष्य पाया है, लेकिन यह नहीं बताया कि वह क्या है। पुलिस अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि नहीं की। पुतिन के कटु आलोचक नवाल्नी विमान यात्रा के दौरान कथित रूप से जहर दिए जाने के बाद कोमा में हैं।
साइबेरिया से मॉस्को लौटते वक्त अस्वस्थ हुए थे नवाल्नी
नवाल्नी की प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘मुख्य चिकित्सक ने कहा कि नवाल्नी यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं। उनकी हालत अस्थिर है। उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाए जाने का परिवार का फैसला भर ही पर्याप्त नहीं है। ओमस्क से बर्लिन तक हवाई यात्रा में करीब छह घंटे लगते हैं।’ उनकी प्रवक्ता ने बताया कि 44 वर्षीय नवाल्नी बृहस्पतिवार को जब साइबेरिया के शहर तोमस्क से हवाई जहाज से मॉस्को लौट रहे थे, तभी वह अस्वस्थ हो गए।
यारमीश ने ‘इको मॉस्कोवी रेडियो स्टेशन’ को बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को विमान में सवार होने से पहले हवाई अड्डे पर स्थित कैफे से चाय पी थी, जिसमें कुछ जहरीला पदार्थ दिया गया होगा। उन्होंने बताया, ‘नवाल्नी को पसीना आ रहा था और उन्होंने मुझसे बात करने को कहा ताकि वह आवाज पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसके बाद वह शौचालय गए जहां वह बेहोश हो गए। उनकी हालत गंभीर है, वह कोमा में है और वेंटिलेटर पर है।’
नवाल्नी की टीम ने जताई थी जहर दिए जाने की आशंका
ओमस्क एंबुलेंस अस्पताल नंबर-1 के मुख्य चिकत्सक एलेक्जेंडर मुरकहोवस्की ने शुक्रवार को कहा कि नवाल्नी की हालत में कुछ सुधार आया है लेकिन वह दूसरी जगह भेजे जाने की स्थिति में नहीं हैं। चिकित्सक उनकी बीमारी का पता लगाने के लिये अब भी जांच कर रहे हैं।
पिछले साल नवाल्नी को जेल से एक अस्पताल ले जाया गया था। वह गिरफ्तारी के बाद कैद की सजा काट रहे थे। उनकी टीम ने उन्हें जहर दिए जाने का संदेह जताया था। वहीं, चिकित्सकों ने कहा था कि उन्हें एलर्जी की वजह से यह समस्या पेश आई और अगले दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई तथा वह वापस जेल भेज दिये गये ।
विपक्ष ने जताई राष्ट्रपति कार्यालय का हाथ होने की आशंका
अन्य विपक्षी हस्तियों ने इस मामले में क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का कार्यालय) का हाथ होने की आशंका जताई है। रूसी प्रदर्शन समूह पुस्सी रॉयट के सदस्य प्योत्र वर्जिलोव ने एसोसिएट प्रेस से कहा, ‘हम आश्वस्त है कि नवाल्नी या मुझको निशाना बनाने की क्षमता रूस के राजनीतिक नेतृत्व के आदेश पर केवल रूसी सुरक्षा सेवा के लोगों के पास है।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि निश्चित तौर पर पुतिन ने व्यक्तिगत तौर पर इसकी अनुमति दी होगी।’ नवाल्नी का फाउंडेशन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा है और सरकारी अधिकारियों की रिश्वतखोरी का पर्दाफाश कर रहा है। इस तरह के कुछ खुलासे उच्च स्तर पर भी किए गए हैं। एक मुकदमे के बाद पिछले महीने उन्हें फाउंडेशन बंद करना पड़ा।
रूसी विपक्ष के सबसे प्रमुख नेता नवाल्नी ने साल 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन को चुनौती देने के लिए प्रचार अभियान चलाया था लेकिन उन्हें उम्मीदवारी से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने समूचे रूस में प्रचार अभियान कार्यालय खोले। क्षेत्रीय चुनावों में वह विपक्षी उम्मीदवारों को रूस की सत्तारूढ़ पार्टी ‘यूनाइटेड रूस’ को चुनौती देने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।