अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय मूल के अमेरिकी सहायक विवेक रामास्वामी ने अवैध प्रवासियों के व्यापक पुनर्वास योजना के प्रति अपना समर्थन जताया। साथ ही कहा कि देश में वैध आव्रजन प्रणाली चरमरा गई है।
'कानून तोड़ने वालों को यहां रहने का कोई अधिकार नहीं'
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अमेरिका में घुसकर कानून तोड़ा उन्हें यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें जाने की जरूरत है। उद्योगपति से राजनेता बने रामास्वामी ने कहा, 'क्या हम एक चरमराई कानूनी आव्रजन प्रणाली रखते हैं। हां, बिल्कुल। लेकिन मुझे लगता है कि पहला कदम कानून के शासन को बहाल करना होगा और इसे बहुत ही व्यावहारिक तरीके से करना होगा।'
अकेले सबसे बड़ा सामूहिक निर्वासन...: रामास्वामी
उन्होंने आगे कहा, 'जो लोग पिछले कुछ सालों में यहां आए हैं, उन्होंने देश में अपनी जड़ें नहीं जमाई हैं। जो लोग अपराध कर रहे हैं उन्हें देश से बाहर निकाला जाना चाहिए। यह संख्या लाखों में है। यह अकेले सबसे बड़ा सामूहिक निर्वासन होगा। सभी अवैध लोगों के लिए सरकारी सहायता समाप्त करने के साथ जोड़ दें। आप स्व-निर्वासन देख सकते हैं।'
पांच नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की शानदार जीत के बाद रामस्वामी रविवार को कई टॉक शो में नजर आए थे। उन्होंने एक न्यूज चैनल को बताया कि वह प्रशासन और सदन में अपनी भावी भूमिका पर कुछ उच्च प्रभाव वाली चर्चाएं कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप को देश को एकजुट करने की चिंता
रिपब्लिकन प्राइमरी के दौरान ट्रंप के प्रतिद्वंद्वी रहे रामास्वामी ट्रंप के कट्टर समर्थक और विश्वासपात्र बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उन्हें देश को एकजुट करने की चिंता है। मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा ध्यान इसी पर है। मुझे लगता है कि हमें इस चुनाव के बाद उस निर्णायक जीत के बाद एक जगह पर वापस जाना होगा, जो मुझे लगता है कि देश के लिए एक उपहार था, एक ऐसी जगह पर वापस जाना होगा, जहां आम अमेरिकी जो अपने परिवार के सदस्यों या अपने सहयोगियों या अपने पड़ोसियों के बीच अलग-अलग वोट कर सकते थे, वे एक साथ मिल सकें और कह सकें कि हम अभी भी अमेरिकी हैं, यह डोनाल्ड ट्रंप की मानसिकता है।'
रामास्वामी ने कहा, 'उन्होंने पहले कार्यकाल से भी काफी कुछ सीखा है और मुझे लगता है कि वह दूसरे कार्यकाल में उन चीजों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जा रहे हैं जिन्हें वह पहले कार्यकाल में हासिल नहीं कर पाए थे, जो मुझे लगता है कि एक अच्छी बात होगी।'