वहीं आलोचकों ने रामास्वामी की धार्मिक मान्यताओं पर सवाल भी उठाए हैं। उनका दावा है कि भगवान, रामास्वामी से उनके हिंदू होने के कारण 'नफरत' करते हैं। इससे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चर्चाएं गर्म हो गई हैं। अमेरिका का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है और इसके मुताबिक उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनकी धार्मिक संबद्धता के बजाय उनकी योग्यता और नीतिगत पदों के आधार पर करना जरूरी है।
हालांकि, रामास्वामी की रूढ़िवादी सोच कट्टर इसाई एजेंडे के साथ निकटता से मेल खाती है। उन्होंने छह सप्ताह में गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने और ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए लिंग-पुष्टि देखभाल का विरोध करने का वादा किया है। एलजीबीटीक्यू + अधिकारों पर उनके विचारों ने भी ध्यान खींचा है। उन्होंने एलजीबीटीक्यू+ विरोधी सीनेटर टेड क्रूज को सर्वोच्च न्यायालय में नामित करने का सुझाव दिया है।
हाल ही में रामास्वामी एक रूढ़िवादी ईसाई कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसमें उनकी मौजूदगी को लेकर एबी जॉनसन ने कहा कि अभी राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए लड़ाई चल रही है। एक व्यक्ति है जो अभी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में लोकप्रियता हासिल कर रहा है और उसका नाम विवेक रामास्वामी है और वह हिंदू है, जो हिंदू है, वे बहुदेववाद में भरोसा करते हैं।
बराक ओबामा के साथ तुलना
एबी जॉनसन ने उनकी पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से तुलना करते हुए दर्शकों को आगाह करते हुए कहा कि उनकी वाक्पटुता से मूर्ख मत बनो, शैतान का शिकार मत बनो, अभी भ्रम की स्थिति है। यह हमारे लिए मन की स्पष्टता रखने का एक महत्वपूर्ण समय है। हम चुनावी चक्र में जा रहे हैं। तो कृपया इसे समझें। कृपया अभी अपने विवेक का इस्तेमाल करें।
लोकप्रियता के मामले में रामास्वामी कहां खड़े हैं?
चुनावों में रामास्वामी की बढ़त ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उनकी लोकप्रियता ने पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस, ट्रंप प्रशासन की पूर्व अधिकारी निक्की हेली और सीनेटर टिम स्कॉट को भी पीछे छोड़ दिया है। ताजा आंकड़ों के मुातिबक, रामास्वामी अभी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्लोरिडा के गर्वर्नर रॉन डेसैंटिस के बाद तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष तीन पर उनकी मौजूदगी ने राजनीति में धर्म की भूमिका पर बहस तेज कर दी है।