पुलिस ने बताया कि इस साल कम से कम आठ ऐसे मामलों में फिरौती में 30 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की उगाही की गई है। दुनिया में और भी कई जगह पर इस तरह के मामले सामने आए हैं और ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने कहा है कि इन घोटालों को पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय संगठित जुर्म सिंडिकेटों और जालसाजों ने विकसित किया है।
ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था ने पिछले साल इस तरह के 1,000 से भी ज्यादा मामले दर्ज किए थे। चीनी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले निर्वासित लोग और सताए गए नस्लीय समूहों ने चीनी अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की है।
शिकायत में धमकी भरे फोन कॉल का आना भी शामिल है। चीनी अधिकारियों का कहना है कि कोई भी अधिकारी छात्रों को उनके मोबाइल पर फोन नहीं करेगा। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस की यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ऑनलाइन लाने की विश्वविद्यालय की कोशिशों के बीच आई है।
कच्चा लोहा, कोयला और प्राकृतिक गैस के बाद शिक्षा ऑस्ट्रेलिया का चौथा सबसे बड़ा कमाई का जरिया है। पिछले साल देश में पांच लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों का नामांकन हुआ था, जिससे 37 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलरों की कमाई हुई थी।