यान ने कहा कि जो शोधकर्ता कल तक खुलकर वायरस पर चर्चा करते थे, अचानक उन्हें चुप कर दिया गया। वुहान के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने इस विषय पर चुप्पी साध ली और दूसरों को चेतावनी दी गई कि उनसे इस संबंध में जानकारी न मांगी जाए। आगे चलकर वुहान इस वायरस का केंद्र बनकर उभरा।
यान के मुताबिक, डॉक्टरों ने कहा कि हम इसके बारे में बात नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमें मास्क लगाने की जरूरत है। उनके सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद मानव से मानव संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। इस घटना के बाद यान ने हांगकांग छोड़ने का फैसला किया।
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उन्होंने कहा कि मैंने अपना सामान बांधा और कैंपस में लगे कैमरों और सेंसर से बचते हुए 28 अप्रैल को अमेरिका के लिए कैथी पैसिफिक फ्लाइट में सवार हो गई। यान ने बताया कि इस दौरान उनके पास केवल पासपोर्ट और उनका बैग था, बाकी हर प्यारी चीज उन्हें पीछे छोड़नी पड़ी।
यान ने कहा कि अगर मैं पकड़ ली जातीं तो मुझे जेल में डाल दिया जाता या गायब कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि चीन की सरकार उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रही है और कम्युनिस्ट पार्टी उन्हें चुप करने के लिए साइबर हमले कर रही है।