ब्रिटेन के हाई कोर्ट में मुकदमा हारने के बाद भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने सोमवार को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की अर्जी दाखिल की। वह भारत के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुकदमा कुछ दिन पहले हार गए थे। उच्च न्यायालय में माल्या की अपील खारिज होने के बाद अब उनके पास ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 14 दिन का समय था।
माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में हैं और अप्रैल 2017 से प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तारी के बाद जमानत पर हैं। प्रत्यर्पण के मामले में भारतीय जांच एजेंसियों का प्रतिनिधित्व कर रही यूके क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के प्रवक्ता ने भी माल्या की तरफ से याचिका मिलने की पुष्टि की है।
माल्या ने इससे पहले कहा था कि मेरे और अन्य के खिलाफ आरोप केवल 2009 में आईडीबीआई बैंक से कुल 900 करोड़ रुपये के उधार की तीन किस्तों से संबंधित हैं। माल्या ने इस बारे में लंदन उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला भी दिया था।
माल्या ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया था कि निचली अदालत ने गलत तरीके से उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी, जबकि साजिश के तहत उनके खिलाफ धोखाधड़ी और धनशोधन का मामला दर्ज किया गया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने माल्या के तर्कों को खारिज कर दिया था।