भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या खुद को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के ब्रिटिश अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहा है। माल्या की कानूनी टीम ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पिछले सप्ताह वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के तत्काल बाद 63 वर्षीय माल्या ने कहा था कि वह इस फैसले को विस्तार से देखेगा और फिर आगे का फैसला करेगा।
माल्या के वकील ने कहा कि माल्या ने कोर्ट के फैसले पर विचार कर लिया है और अब वे सही समय पर फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेंगे। प्रत्यर्पण संधि की प्रक्रियाओं के तहत मुख्य मजिस्ट्रेट के फैसले को ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद को भेजा गया है। माल्या के प्रत्यर्पण को आदेश देने का अधिकार जाविद के पास ही है और इस पर फैसला लेने के लिए उनके पास दो महीने का समय है।
हालांकि बहुत ही कम मामलों में ऐसा होता है जब गृह मंत्री का फैसला अदालत के फैसले के खिलाफ आता है। गृह मंत्री के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए मुकदमा हारने वाले पक्ष के पास हाईकोर्ट जाने के लिए 14 दिन का समय होता है।