भारतीय राजनयिक विदिशा मैत्रा को प्रशासनिक एवं बजट संबंधी प्रश्न (एसीएबीक्यू) पर संयुक्त राष्ट्र की सलाहकार समिति में सदस्य चुना गया है। यह महासभा का एक हिस्सा है। भारत के लिए यह बड़ी जीत है।
यह जीत ऐसे वक्त में हुई है जब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो साल के लिए अस्थायी सदस्य के तौर पर जनवरी 2021 से कार्यभार संभालने की तैयारी कर रहा है। मैत्रा एशिया-प्रशांत राष्ट्रों के समूह से नामित हुए दो उम्मीदवारों में से एक हैं। समूह में इराक के अली मोहम्मद फइक अल-दबग को 64 मत मिले।
मैत्रा को 126 वोट मिले
एशिया प्रशांत राष्ट्र समूह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव मैत्रा ने 126 वोट हासिल किए। संयुक्त राष्ट्र महासभा सलाहकार समिति में सदस्यों को नियुक्त करती है। सदस्यों का चयन व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व, निजी योग्यता और अनुभव के आधार पर होता है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा जो एक जनवरी 2021 से शुरू होगा।
16 सदस्य नियुक्त किए गए
एसीएबीक्यू में महासभा ने 16 सदस्यों को उनकी व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर नियुक्त किया है। सलाहकार समिति का प्रमुख काम महासचिव द्वारा जमा कराए गए बजट का परीक्षण करना और उसे महासभा को रिपोर्ट करना है।
तिरूमूर्ति ने जताया आभार
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरूमूर्ति ने एक वीडियो संदेश में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राष्ट्रों के भारी समर्थन से मैत्रा को संयुक्त राष्ट्र एसीएबीक्यू में शुक्रवार को चुना गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मैत्रा "एसीएबीक्यू के कामकाज में एक स्वतंत्र, उद्देश्यपूर्ण और बहुत आवश्यक लैंगिक संतुलित परिप्रेक्ष्य लाएंगी।" उन्होंने मैत्रा के चयन में मदद करने वाले देशों के प्रति आभार प्रकट किया है।