फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साठगांठ: चुनाव अभियान के तहत हजारों डॉलर देकर बनवाए जा रहे वीडियो, पैसे देकर अपना प्रचार करा रहे अमेरिकी नेता

Tue, 01 Sep 2026 09:14 AM IST
ज्योति भास्कर द न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन।

सार

  • चुनाव अभियान के तहत हजारों डॉलर देकर बनवाए जा रहे वीडियो।
  • दर्शकों को पेड संदेश की नहीं देते जानकारी।
  • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर अपना प्रचार करा रहे अमेरिकी नेता।
विज्ञापन
अमेरिका में चुनाव प्रचार - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका में चुनाव प्रचार का मैदान तेजी से सोशल मीडिया की ओर खिसक रहा है। उम्मीदवार और उनके अभियान अब टीवी विज्ञापनों और रैलियों के साथ लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी अपने संदेश का माध्यम बना रहे हैं। लाखों फॉलोअर्स वाले इन क्रिएटर्स की सामान्य वीडियो सामग्री दर्शकों को पारंपरिक राजनीतिक विज्ञापन की तुलना में ज्यादा सहज और विश्वसनीय लगती है।

विज्ञापन


चिंता की बात यह है कि कई मामलों में इन्फ्लुएंसर्स को हजारों डॉलर देकर उम्मीदवारों या राजनीतिक मुद्दों के समर्थन में वीडियो बनवाए गए, लेकिन दर्शकों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि इन पोस्ट के लिए भुगतान किया गया है। इससे किसी इन्फ्लुएंसर की निजी राय और पैसे लेकर तैयार किए गए राजनीतिक संदेश के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। पेड प्रचार का यह नेटवर्क न्यूयॉर्क टाइम्स की पड़ताल में सामने आया है। पड़ताल के दौरान पाया गया कि कैलिफोर्निया के गवर्नर पद के लिए उम्मीदवार टॉम स्टेयर के अभियान ने फरवरी से अगस्त के बीच कम से कम 17 इन्फ्लुएंसर्स को 5,000 डॉलर या उससे अधिक का भुगतान किया।

इनमें टिकटॉक पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले कार्लोस एडुआर्डो एस्पिना भी शामिल थे। पूर्व प्रतिनिधि कैटी पोर्टर के अभियान ने 12 इन्फ्लुएंसर्स को कुल 1,39,500 डॉलर दिए। लाइफस्टाइल क्रिएटर एवरी साइरस को एक पोस्ट के लिए 25,000 डॉलर मिले। असल मुद्दा यह नहीं कि इंफ्लूएंसर्स प्रचार का हिस्सा बन रहे, बल्कि सवाल यह है कि लोगों के सामने जाहिर की जा रही उनकी राय कितनी स्वतंत्र है।
विज्ञापन


पेड पोस्ट संबंधी नियमों का उल्लंघन
कैलिफोर्निया में राजनीतिक पेड पोस्ट के लिए भुगतान की जानकारी देने के नियम हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। कैरी पोर्टर के समर्थन में इन्फ्लुएंसर्स की तीन ऐसी टिकटॉक पोस्ट सामने आईं, जिनमें भुगतान का खुलासा नहीं था। सात अन्य पोस्ट में यह जानकारी कमेंट सेक्शन में थी, जहां सामान्य दर्शक का ध्यान आसानी से नहीं जाता। पेड राजनीतिक पोस्ट के लिए स्पष्ट नियम केवल कुछ अमेरिकी राज्यों में ही हैं और वे मुख्यतः राज्य तथा स्थानीय चुनावों पर लागू होते हैं। फेडरल इलेक्शन कमीशन के सामने ऐसे नियमों के प्रस्ताव तो आए हैं, लेकिन व्यवस्था लागू हुई है।

लोगों को अभियान राजनीतिक होने की नहीं लगती भनक
यह साठगांठ केवल उम्मीदवार और इन्फ्लुएंसर के बीच सीधे भुगतान तक सीमित नहीं है। कई मामलों में मार्केटिंग एजेंसियां और डिजिटल कंटेंट कंपनियां बीच की कड़ी बनती हैं। इससे यह पता लगाना और कठिन हो जाता है कि किसी वीडियो के पीछे राजनीतिक अभियान का पैसा है या वह वास्तव में क्रिएटर की स्वतंत्र राय है।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
पेज डनमेयर के मामले में पाया गया कि उन्होंने कैलिफोर्निया में स्टेयर के समर्थन में वीडियो बनाए और बाद में मिशिगन तथा विस्कॉन्सिन के राजनीतिक मुद्दों पर भी सामग्री पोस्ट की। डनमेयर ने राजनीतिक और व्यावसायिक अभियानों से साइडशिफ्ट नाम की यूजीसी कंपनी के जरिये 90,000 डॉलर से अधिक कमाए। ऐसी कंपनियों से जुड़े कम से कम 87 क्रिएटर्स की गतिविधियां इस नेटवर्क का खुलासा करती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें