फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UN: 'पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से आम लोग', संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पड़ोसी मुल्क को किया बेनकाब

Sun, 25 May 2025 08:08 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के जवाब में 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे पर हमला करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इन्हीं ढांचों से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें अंजाम दिया गया। पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में भारत की दो टूक - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में पाकिस्तान के दुस्साहसों को उजागर किया। उन्होंने उकसावे वाली कार्रवाइयों को लेकर पाकिस्तान की पोल पूरी दुनिया के सामने खोली और आम नागरिकों को निशाना बनाने की कायराना हरकत के लिए पड़ोसी को जमकर फटकार लगाई।

विज्ञापन


पाकिस्तान के प्रतिनिधि की ओर से कई मुद्दों पर लगाए गए निराधार और बेतुके आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ कहा कि भारत ने अपनी सीमाओं पर दशकों तक पाकिस्तान की ओर से प्रायोजित आतंकवादी हमलों को झेला है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना पाकिस्तान के लिए पाखंड है।

यह भी पढ़ें
UN: 'हम पर तीन युद्ध थोपकर पहले ही सिंधु जल समझौते का उल्लंघन कर चुका पाकिस्तान', भारत ने खोली पड़ोसी की पोल 
विज्ञापन

UN: यूएन में भारत ने विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, भारतीय चाय के स्वाद को पूरी दुनिया में फैलाने की कोशिश 
UNSC में भारत की दो टूक : आतंकियों और नागरिकों में फर्क न करने वाला पाकिस्तान महापाखंडी, पड़ोसी को फटकार

'पाकिस्तान का नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान'
उन्होंने कहा, 'सबसे पहले भारत ने अपनी सीमाओं पर दशकों तक पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों का सामना किया। इसमें मुंबई शहर पर हुए 26/11 के भयानक हमले से लेकर अप्रैल 2025 में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर हत्या जैसे आतंकी हमले शामिल हैं। पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से नागरिक रहे हैं, क्योंकि इसका उद्देश्य हमारी समृद्धि, हमारी प्रगति और हमारे मनोबल पर हमला करना रहा है। ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है।'

'पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बार-बार नागरिकों को मोहरा बनाया'
हरीश ने पाकिस्तान की हरकतों की आलोचना करते हुए कहा, 'पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बार-बार नागरिकों को मोहरा बनाया है। जब उस पर पलटवार होता है तो इन्हीं नागरिकों को कवच की तरह इस्तेमाल करता है। एक राष्ट्र जो आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं करता, उसके पास नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है।' 
विज्ञापन




'पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी की'
उन्होंने हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र किया, जिसमें पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी की, जिसके परिणामस्वरूप नागरिक हताहत हुए। उन्होंने कहा, 'इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर हमारे सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी की, जिसमें 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 80 से अधिक घायल हो गए।' 

पूजा स्थलों को जानबूझकर निशाना बनाया गया
उन्होंने कहा, 'गुरुद्वारों, मंदिरों और कॉन्वेंट के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं सहित पूजा स्थलों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इस तरह के व्यवहार के बाद इस संस्था में उपदेश देना घोर पाखंड है।' 

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया
राजदूत ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता और इसे प्रायोजित करने वालों और इसका बचाव करने वालों को बाहर निकालने के लिए एक साथ आना चाहिए।' 

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें