Vice President Venkaiah Naidu in hanoi
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण के महत्व को दोहराया है। शुक्रवार की सुबह वियेतनाम की उपराष्ट्रपति डांग थी न्गोक थिन्ह के साथ हुई वार्ता के बाद संयुक्त रूप से पत्रकारों से बात करते हुए नायडू ने उम्मीद जताई कि संबंधित देश दक्षिण चीन सागर में राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान के आधार पर आम सहमति से आचार संहिता बनाने में सक्षम है। उन्होंने साल के अंत तक भारत-वियेतनाम के बीच सीधी उड़ान शुरू हो जाने की बात भी कही। यह कदम आपसी व्यापार और पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा।
दोनों उपराष्ट्रपतियों के बीच चर्चा के बिंदुओं का उल्लेख करते हुए नायडू ने कहा कि हम रक्षा और सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तेल और गैस, बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि और नवाचार आधारित क्षेत्रों के शांतिपूर्ण उपयोग में अपने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। भारत वियेतनामी सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण में पहले से ही मदद कर रहा है।
चार दिनी दौरे के दूसरे दिन भी उपराष्ट्रपति ने भातर-वियेतनाम के दीर्घकालिक रिश्तों में आ रही मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि बौद्ध धर्म दोनों देशों के बीच मजबूत बंधन रहा है। नायडू ने विश्वास व्यक्त किया कि वियेतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक और नेशनल असेंबली की अध्यक्ष गुयेन थी किम नगन के साथ उनकी बातचीत द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा और गति प्रदान करेगी।