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एच-1बी विवाद पर वेंस की सफाई: आलोचना के बाद बोले- मुझे अपने भारतीय ससुराल से प्यार, शायद मेरी भाषा सही नहीं थी

Sun, 18 Oct 2026 01:17 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने वाली टिप्पणी पर सफाई देते हुए अपनी भारतीय ससुराल के प्रति प्रेम जताया। उन्होंने अमेरिकी कर्मचारियों के हितों और विदेशी पेशेवरों के योगदान के बीच संतुलन की बात कही। क्या इस विवाद का असर भारतीय आईटी पेशेवरों के भविष्य पर पड़ेगा? जानिए...
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एच-1बी विवाद पर वेंस की सफाई - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिका में एच-1बी वीजा और भारतीय आईटी पेशेवरों को लेकर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने बयान पर सफाई दी है। विदेशी कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने वाली टिप्पणी पर वेंस ने स्वीकार किया कि उनकी बात रखने का तरीका शायद सही नहीं था। उन्होंने अपनी भारतीय ससुराल का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी सास और ससुर से प्यार करते हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिकी इमिग्रेशन व्यवस्था में ऐसा संतुलन बनाने की वकालत की, जिससे विदेशी पेशेवरों का सम्मान भी बना रहे और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा भी हो।

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'मैं अपने भारतीय सास-ससुर से प्यार करता हूं'
विदेशी कर्मचारियों को लेकर अपनी टिप्पणी पर सवाल पूछे जाने पर वेंस ने अपने परिवार का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के माता-पिता दक्षिण भारत से अमेरिका आए थे। वेंस ने कहा कि वह अपनी सास और ससुर से प्यार करते हैं। उनकी पत्नी अमेरिका में पैदा हुई हैं और वह देश की सेकंड लेडी हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के प्रति गर्व और प्रेम भी जाहिर किया।

वेंस ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी को व्यक्त करने का तरीका शायद सही नहीं था। हालांकि, उन्होंने विदेशी कर्मचारियों की भर्ती और अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के बीच संतुलन बनाए रखने की अपनी दलील दोहराई।
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H-1B कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने पर क्यों हुआ विवाद?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इसी महीने कई कंपनियों के स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) के तहत आवेदन पर रोक लगाने की घोषणा की थी। प्रभावित कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी कंपनियां शामिल हैं। पीईआरएम प्रक्रिया अमेरिका में ग्रीन कार्ड हासिल करने की दिशा में एक अहम शुरुआती चरण है। इसके तहत कंपनियां अमेरिका में एच-1बी और अन्य वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने के लिए प्रायोजित कर सकती हैं।

इससे पहले वेंस ने अमेरिकी कंपनियों से अधिक अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि कंपनियों को ऐसे विदेशी कर्मचारी नहीं लाने चाहिए, जिन्हें उन्होंने 'बंधुआ मजदूर' की तरह काम पर रखा हो, जबकि वही काम कोई अमेरिकी कर्मचारी कर सकता है।

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