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होर्मुज में टैंकर पर हमला: अमेरिकी सेना ने ईरान का बारूदी सुरंग से टकराने का दावा किया खारिज; क्या कहा?

Tue, 15 Sep 2026 06:29 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमले को लेकर ईरान और अमेरिका आमने-सामने हैं। ईरान ने जहाज के बारूदी सुरंग से टकराने का दावा किया, जबकि अमेरिका ने इसे खारिज कर दो हमलों की बात कही है। पूरा मामला क्या है, पढ़िए रिपोर्ट। 
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होर्मुज का रास्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी सेना ने सोमवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के दावे को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया। अमेरिका ने इसे गलत बताया।
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अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के मुताबिक, पनामा के ध्वज वाला यह जहाज पहले भी ईरान के निशाने पर आ चुका है। पिछले महीने उस पर हमला हुआ था। इसके बाद सप्ताहांत में भी उसे निशाना बनाया गया।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का यह दावा कि पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर की समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने की बात गलत है।
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टैंकर पर दो बार हमला कैसे हुआ?
सेंटकॉम ने बताया कि पनामा के ध्वज वाला तेल टैंकर एल गैया पिछले महीने ईरानी मिसाइल की चपेट में आया था। इससे जहाज चलने की हालत में नहीं रहा था। सप्ताहांत में ईरान ने इस टैंकर पर फिर हमला किया। इस बार ड्रोन से हमला किया गया। उस समय जहाज ओमान के तट के पास समुद्र में था। अमेरिका के मुताबिक, फिलहाल एक क्षेत्रीय सहयोगी की मदद से टैंकर को खींचकर ले जाया जा रहा है।

अमेरिका ने ईरान पर क्या आरोप लगाया?
सेंटकॉमम ने आईआरजीसी के दावे को झूठा बताया। उसने कहा कि यह जहाजों को डराने और दबाव बनाने की एक और कोशिश है। अमेरिका के मुताबिक, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने मार्च में होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही पर रोक लगाई थी। यह कदम 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया गया था।   

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ईरान ने क्या दावा किया था?
अमेरिका के बयान से पहले ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी फार्स न्यूज ने आईआरजीसी के हवाले से खबर दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि एक तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया। इसके बाद जहाज में विस्फोट हुआ और आग लग गई। फार्स ने बताया था कि यह जहाज पनामा के ध्वज वाला एमटी एल गैया था।
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जहाज पर कितने भारतीय थे?
एल गैया वही जहाज है, जिस पर सप्ताहांत में ओमान के तट के पास हमला हुआ था। जहाज के चालक दल में कुल 14 भारतीय नागरिक थे। इनमें से 13 को बचा लिया गया है। एक भारतीय सदस्य अभी लापता है। उसकी तलाश जारी है।
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