Venezuela: चुनाव में हार के पुख्ता सबूत होने के बावजूद निकोलस मादुरो ने शुक्रवार को तीसरी बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। विपक्षी दलों और कई देशों ने मादुरो की चुनावी जीत पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मादुरो ने चुनाव जीतने के लिए धांधली की।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शुक्रवार को तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वी के हालिया चुनाव जीतने के विश्वसनीय सबूत हैं।
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मादुरो ने सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से नियंत्रित नेशनल असेंबली के समक्ष पद की शपथ ली। एक दिन पहले राजनीतिक विपक्ष की सबसे प्रमुख नेता ने बताया था कि उन्हें राज्य सुरक्षा बलों ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। सरकार ने तुरंत आरोप का खंडन किया, लेकिन इस दावे ने फिर से वेनेजुएला के लंबे समय से चल रहे राजनीतिक संकट की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। यह संकट तब और गहरा गया, जब सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति निष्ठावान चुनाव अधिकारियों ने 28 जुलाई को मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों बाद मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था, लेकिन पिछले राष्ट्रपति चुनावों की तरह उन्हें कितना मत मिला उसकी संख्या नहीं बताई।
इस बीच विपक्ष ने दावा किया कि उसने 80 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से मतों की गणना एकत्र किए और पता चला कि गोंजालेज को मादुरो से दोगुने वोट मिले हैं। फिलहाल, वेनेजुएला और विदेशों में मादुरो के बढ़ते दमनकारी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।