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वेनेजुएला में धमाके, हिरासत में मादुरो: अमेरिकी कार्रवाई को वैश्विक मीडिया ने कैसे आंका, क्या पूछा और कहा?

Sun, 04 Jan 2026 12:29 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुए धमाकों और मादुरो की हिरासत का मामला वैश्विक मीडिया में पूरे दिन छाया रहा। ऐसे में किसी ने इसे अमेरिकी सैन्य दखल कहा, तो किसी ने सत्ता परिवर्तन की कोशिश। आइए जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस पूरे मामले को कैसे देखा, क्या कहा और क्या सवाल उठाए?

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वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई - फोटो : ट्रुथ सोशल@realDonaldTrump
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विस्तार
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शुक्रवार देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास धमाकों और सायरनों से गूंज उठी। इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है और देश में शांति बहाल होने तक वहां नियंत्रण संभालेगा। इस एक एलान ने पूरी दुनिया की राजनीति को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया। ऐसे में सवाल खड़े होता है कि आखिर वैश्चिक मीडिया ने इस पूरे घटनाक्रम को किस नजरिए से देखा है और क्या सवाल खड़े किए हैं? आइए जानते हैं।

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चलिए पहले एक नजर इस पूरे मामले की तरफ करते हैं। स्थानीय समय अनुसार यह शुक्रवार देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में भारी धमाके, हवाई आवाजें और ब्लैकआउट (बिजली चली जाना) की खबरें सामने आईं। इसके बाद फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की है, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलेस मादुरो और उनकी पत्नी सिलीया फ्लोर्स को बंधक बना लिया गया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। 

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ट्रंप बोले- शांति स्थापित होने तक हम चलाएंगे देश
इस दौरान ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह हमला वेनेजुएला में शांति स्थापित करने और अमेरिकी सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब कुछ समय के लिए वेनेजुएला का नियंत्रण करेगा, जब तक वहां राजनीतिक व्यवस्था और शांति सही ढंग से नहीं बैठती। 

वैश्विक मीडिया ने इस पूरे घटना को कैसे देखा?
सवाल ये खड़ा हो रहा है कि इस पूरे मामले को वैश्विक मीडिया ने कैसे देखा है। बात अगर द गार्डियन की करें तो इस मामले में द गार्डियन ने बताया कि अमेरिका ने एक बड़ी सैन्य ऑपरेशन की। राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पेचीदा परिस्थितियों में गिरफ्तार कर निकाल दिया गया। वेबसाइट ने यह भी बताया कि वेनेजुएला की सरकार ने इसे अवैध और एक आक्रमण करार दिया है। कुल मिलाकर द गार्डियन का रुख करीब-करीब आशय यही था कि यह अमेरिका का सबसे गंभीर और खुले तौर पर होने वाला हस्तक्षेप है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं। 

बीबीसी ने घटना को कैसे देखा?
बात अगर अब बीबीसी की करें तो बीबीसी की रिपोर्टों में भी काराकास में धमाके, अमेरिकी हमले की पुष्टि और मादुरो की गिरफ्तारी के बारे में बताया गया। साथ ही वेनेजुएला सरकार द्वारा इसे आक्रामक सैन्य हिंसा कहा गया है। बीबीसी के मुताबिक, अमेरिकी प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्वीट से पता चलता है कि अमेरिका इस ऑपरेशन को अपनी सुरक्षा नीति का हिस्सा बता रहा है, जबकि अन्य देशों और स्थानीय लोग इसे राजनैतिक और संसाधन-आधारित हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। 

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रंप की विदेश नीति का बताया अहम मोड़
इसके साथ ही न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि यह हमला अमेरिका की लंबी रणनीति का हिस्सा है, जो उन्होंने पिछले महीनों और वर्षों में धीरे-धीरे पेश किया है। उन्होंने मादुरो पर ड्रग तस्करी, चुनाव धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इसे राष्ट्रपति ट्रंप की विदेश नीति का सबसे अहम मोड़ बताया है। 
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अलजजीरा ने क्या कहा?
वहीं अलजजीरा ने भी बताया कि अमेरिका ने काराकास सहित कई राज्यों में हमले किए, जिसमें अधिकारी और सैन्य आधार शामिल थे और मादुरो को पकड़ कर अमेरिका ले जाया गया। उनके रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वेनेजुएला की सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया और यह कार्रवाई वैश्विक समुदाय द्वारा कड़ी आलोचना का विषय बन गई है। 

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