बयान में कहा गया, '70 साल के कम्युनिस्ट शासन में, चीन ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि मतभेद को शांत करने के लिए वह किसी भी कीमत पर रुकने वाले नहीं हैं। तियानामेन स्क्वायर नरसंहार की तीसरी बरसी इसका एक और बड़ा उदाहरण है।'
विश्व उइगर कांग्रेस ने उइगर अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन सरकार द्वारा अपनाई जा रही निरंकुश दमन नीति और नागरिकों की निगरानी किए जाने के फैसले के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की।
यूरोपीय संसद के सदस्य मार्टिन हारवुड ने अपने संबोधन में कहा, 'अब समय आ गया है कि चीन के साथ ज्यादा शांत, सम्मानित और लोकतांत्रिक कदम उठाए जाएं।' विश्व उइगर कांग्रेस के प्रेसीडेंट डोलकुन ईसा ने कहा, 'हम उत्पीड़न और निराशा के और 70 साल स्वीकार नहीं कर सकते। अब हमें अपने अधिकार और आजादी चाहिए।'
साल 2014 में हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में कार्यकर्ता रहे और पूर्व नेता रे वॉन्ग ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि हमें जीत मिलकर रहेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि तिब्बती और उइगर अपने परिवार से मिलने अपने घर जा सकेंगे।'