चीन में उइगर मुस्लिम (सांकेतिक तस्वीर)
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेशेट ने कहा है कि वे उइगरों के खिलाफ गंभीर दुर्व्यवहार की रिपोर्टों पर गौर करने के लिए इसी साल शिनजियांग प्रांत का दौरा करेंगी। उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि चीन के साथ शर्तों पर सहमति बनेगी। वे यहां उइगर मुसलमानों के साथ हो रहे गंभीर उत्पीड़न की रिपोर्टों की जांच करेंगी।
शिनजियांग तक सुरक्षित पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बढ़ते दबाव के बीच संयुक्त के मानवाधिकार अधिकारी ने पहली बार इस दौरे के लिए टाइमलाइन का सुझाव दिया है। मानवाधिकार परिषद के 47वें सत्र को संबोधित करते हुए बेशेट ने कहा कि चीन के साथ शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की यात्रा के तौर-तरीकों पर संयुक्त राष्ट्र चर्चा कर रहा है।
उनका कार्यालय 2018 से इस सिलसिले में कोई रास्ता निकालने की लगातार कोशिशें करता रहा है, लेकिन बेशेट ने सार्वजनिक रूप से पहली बार चीन दौरे की समयसीमा बताई है। बेशेट पर पश्चिमी देशों की ओर से यह दबाव भी है कि शिनजियांग जाकर वहां शिविरों में रखे गए दस लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों और तुर्की के मुसलमानों की बदहाली का जायजा लें। इन शिविरों में इन अल्पसंख्यक मुसलमानों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया है, जिससे चीन हमेशा इनकार करता रहा है।
हांगकांग : नए कानून का पड़ रहा बुरा असर
मिशेल बेशेट ने मानवाधिकार परिषद को बताया कि हांगकांग पर एक साल पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून थोपा जा चुका है। इससे वहां की लोकतांत्रिक परिस्थितियों और मीडिया पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस कानून से अब तक 107 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 57 लोगों पर औपचारिक रूप से आरोप लगाए गए हैं।
चीन ने किया शिनजियांग, हांगकांग पर टिप्पणियों का विरोध
संयुक्त राष्ट्र में चीनी मिशन ने मानवाधिकार परिषद में हांगकांग और शिनजियांग से संबंधित मुद्दों पर मिशेल बेशेट की टिप्पणी का विरोध किया है। चीन ने उनकी टिप्पणियों को गलत व तथ्यों की अवहेलना कहा है। चीनी मिशन लियू युयिन ने कहा, हांगकांग एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है जहां राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया गया है और इसे लागू करना चीन का संप्रभु अधिकार है।